7.4 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन पर क्यों बदलने लगे हैं डोनाल्ड ट्रंप के सुर? बर्बाद हो...

चीन पर क्यों बदलने लगे हैं डोनाल्ड ट्रंप के सुर? बर्बाद हो जाएगी अमेरिका की इकॉनमी, देख लीजिए ये आंकड़े

Published on

नई दिल्ली

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोश-जोश में चीन पर भारी टैरिफ लगा दिया लेकिन अब उनकी हेकड़ी निकलने लगी है। हाल में उन्होंने कहा था कि चीन पर 145 फीसदी का भारी टैरिफ नहीं लगेगा लेकिन यह जीरो भी नहीं होगा। उसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें फोन किया था। लेकिन चीन ने ट्रंप के इस दावे का खंडन किया है। चीन ने व्यापार युद्ध पर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। हालांकि ट्रंप के तेवर ढीले पड़ गए हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि शी जिनपिंग इस बारे में बातचीत शुरू करें। आखिर ट्रंप के सुर क्यों बदलने लगे हैं?

अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। अमेरिका चीन का दूसरा बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है जबकि चीन के लिए अमेरिका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। अमेरिका चीन से जो सामान मंगाता है उसमें 63 फीसदी फाइनल प्रोडक्ट्स होते हैं। इनमें कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान शामिल हैं जिन्हें अमेरिकी ग्राहक खरीदते हैं। इसी तरह अमेरिका आयात में 37 फीसदी इंटरमीडिएट गुड्स होता है। इनका यूज मशीनरी, टूल्स और ऑटो इंडस्ट्रीज में होता है।

चीन पर निर्भरता
चीन से होने वाले कुल आयात में अमेरिका की छोटी और मझोली कंपनियों की 41 फीसदी हिस्सेदारी है। इसलिए चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने से न केवल आयातित चीजों की कीमत बढ़ जाएगी बल्कि घरेलू कंपनियों के लिए प्रोडक्शन कॉस्ट भी बढ़ जाएगी। अगर टैरिफ बना रहता है तो इससे महंगाई में काफी तेजी आ सकती है और मंदी की आशंका बढ़ सकती है। ट्रंप को भी यह बात अच्छी तरह समझ में आ गई है। इसलिए वह बार-बार शी जिनपिंग को अपना दोस्त बता रहे हैं।

पिछले हफ्ते से ट्रंप ने बार-बार कहा कि उनकी सरकार व्यापार समझौता करने के लिए चीनी अधिकारियों से बात कर रही है। लेकिन बीजिंग ने हर बार इन बातों का खंडन किया। ट्रंप व्यापार युद्ध को कम करने के लिए तैयार दिख रहे हैं लेकिन बीजिंग ने इसे खारिज कर दिया है। उसकी मांग है कि अमेरिका चीन पर लगाए गए सभी टैरिफ हटा ले। ट्रंप ने चीनी सामानों पर 145% तक टैरिफ लगा रखा है। चीन ने भी अमेरिकी आयात पर टैरिफ को 125% तक बढ़ा दिया है। दोनों देशों के नेता सार्वजनिक रूप से अलग-अलग बातें कह रहे हैं। लेकिन बातचीत शुरू होने की कोई संभावना फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है।

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...