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Wednesday, May 6, 2026
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महाराष्ट्र चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति का इंतजार, कहा- बारिश में चुनाव कराना संभव नहीं

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मुंबई:

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार और राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि वह स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए 4 सप्ताह में अधिसूचना जारी करें और 4 महीने में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न किया जाए। इसे लेकर चुनाव लड़ने वाले इच्छुक लोगों के चेहरे पर रौनक आ गई है। परंतु अब तक राज्य चुनाव आयोग को कोर्ट से कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हम लोग सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

4 महीने में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का आदेश
गौरतलब है कि राज्य में महानगरपालिका, नगरपालिका, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव नहीं कराए गए हैं। ज्यादातर निकायों में सरकार के प्रशासक कामकाज संभाल रहे हैं। पहले तो कोविड के कारण चुनाव टाले गए। बाद में ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला कोर्ट में चला गया। मुंबई महानगरपालिका में नगरसेवक सीट बढ़ाने को लेकर मामला कोर्ट में था। इन निकायों के चुनाव को लेकर कुल 22 याचिका कोर्ट में प्रलंबित था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को कोर्ट ने आदेश दिया कि चार हस्ते के अंदर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करें और 4 महीने के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूरी करें।

राजनीति में हलचल शुरू
कोर्ट के आदेश के बाद राज्य की राजनीति में हलचल शुरू हो गई। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग अपने फेवर वाली पार्टी और सीट पर सक्रिय हो गए। इसके शिंदे सेना और बीजेपी लय में दिखाई दे रही है। मुंबई में उद्धव सेना के ज्यादातर पूर्व नगरसेवक शिंदे सेना में चले गए हैं। कांग्रेस की हालत पतली है क्योंकि कांग्रेस के ज्यादातर नेता व पूर्व नगरसेवक शिंदे सेना में चले गए हैं या फिर बीजेपी का दामन थाम लिया है।

इधर, चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति का इंतजार कर रहा है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओबीसी आरक्षण का विवाद है। मुंबई में सीटों को कम-ज्यादा करने को लेकर विवाद है। प्रभाग की सीमा निर्णय को लेकर मामला हल नहीं हुआ है। ऐसे कई सारे मामले है जिस पर कोर्ट के लिखित आदेश की आवश्यकता है। जब तक कोर्ट के आदेश की कापी नहीं मिल जाती, तब तक वे कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। हां, उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्हें चुनाव की पूरी तैयारी करने के लिए कम से कम 100 दिन चाहिए। क्योंकि वोटर लिस्ट फाइनल करना, वार्ड या प्रभाग की बाउंड्री को अंतिम रूप देना। आरक्षण की लॉटरी निकालने।

बारिश में चुनाव कराना मुश्किल
इसके साथ ही आम आदमी के सजेशन-आब्जेक्शन मंगाना जैसे प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि, चुनाव आयोग का निर्णय ऐसे वक्त आया है जब राज्य में बारिश का मौसम शुरू होगा। अगले महीने से बरसात शुरू हो जाएगी। ऐसे में चुनाव कराना कठिन होगा। फिलहाल अधिकारी कोर्ट के आदेश की प्रति का इंतजार कर रहे हैं।

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