बारां:
राजस्थान के बारां से बीजेपी को तगड़ा झटका लगने वाला है। यहां अंता विधानसभा से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की कभी भी विधायकी जा सकती है। उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मीणा पर 20 साल पहले एसडीएम पर पिस्तौल तानकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कंवरलाल की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया था। उन्हें दो सप्ताह में ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने के आदेश दिए थे।
14 दिसंबर 2020 को कोर्ट ने सुनाई थी 3 साल की सजा
गौरतलब है कि झालावाड़ की एडीजे अकलेरा कोर्ट ने कंवरलाल को राजकार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को डराने, धमकाने संपत्ति में तोड़फोड़ करने का दोषी मानते हुए 14 दिसंबर 2020 को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ अंता विधानसभा विधायक कंवरलाल मीणा ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने भी कंवरलाल की याचिका को खारिज करते हुए सजा बरकरार रखी थी।
समर्पण नहीं किया तो होगी गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इंकार कर दिया और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। एसीजेएम कोर्ट मनोहर थाना और एडीजे कोर्ट अकलेरा में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष विधायक समर्पण कर सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी। मनोहरथाना एसएचओ नंदकिशोर वर्मा ने मीडिया को बताया कि एसडीएम पर पिस्टल तनाने के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद ट्रायल कोर्ट ने 9 मई को आदेश जारी किया।
विधायकी पर तलवार, 6 साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
बीजेपी के विधायक कंवरलाल मीणा की विधायकी पर तलवार लटक गई। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी कंवरलाल की विधायकी खत्म करने पर फैसला लेंगे। देवनानी ने मीणा की विधायकी के बारे में फैसला करने को लेकर राज्य के महाधिवक्ता और सीनियर वकीलों से कानूनी राय ली। विधायकी खत्म होने के बाद कंवरलाल 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे में देखा जाए तो कंवरलाल मीणा अंता से उपचुनाव और साल 2028 का विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
