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हिंद महासागर में अमेरिकी नेवल बेस डियागो गार्सिया पर हमले का खौफ, ट्रंप ने तैनात किया F-15 फाइटर जेट, निशाने पर कौन?

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डियागो गार्सिया:

अमेरिकी नौसेना के हिंद महासागर में स्थित डियागो गार्सिया नेवल बेस पर हमले का खतरा मंडरा रहा है। इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने कम से कम 4 एफ-15 फाइटर जेट को इस नेवल बेस पर तैनात कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस नेवल बेस पर अमेरिका की सेना ने B-52H बॉम्‍बर्स को तैनात कर रखा है। खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच हिंद महासागर में मौजूद अमेरिका का यह नेवल बेस रणनीतिक रूप से बेहद अहम हो गया है। इसी नेवल बेस से अमेरिका ने हूतियों पर भीषण हमले किए हैं। अब अमेरिका के निशाने पर ईरान है जिसके साथ परमाणु डील करने को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिका को डर सता रहा है कि ईरान अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए इस नेवल बेस को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है।

अमेरिका के हिंद प्रशांत कमांड के मीडिया अधिकारी मैथ्‍यू कोमेर ने वार जोन डिफेंस वेबसाइट को बताया कि एफ-15 फाइटर जेट को यहां पर मौजूद सैनिकों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इससे पहले सैटलाइट तस्‍वीरों में खुलासा हुआ था कि अमेरिका ने एफ-15 फाइटर जेट को इस नेवल बेस पर तैनात किया है। इस नेवल बेस पर पहले से ही 4 B-52H बॉम्‍बर, 5 केसी-135 टैंकर और एक सी-17 कार्गो प्‍लेन पहले से ही तैनात हैं। बताया जा रहा है कि 14 मई के आसपास से एफ-15 लड़ाकू विमान इस बेस पर तैनात हैं।

अमेरिकी सेना का गढ़ है डियागो गार्सिया
मालदीव के पास स्थित डियागो गार्सिया नेवल बेस मॉरिशस के चागोस द्वीप समूह का हिस्‍सा है। अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक रूप से यह नेवल बेस बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। इस नेवल बेस पर विशाल हवाई पट्टी है जो रक्षा मंत्रालय के लिए कई तरह की भूमिका निभाती है। यहां से स्‍पेस फोर्स के लिए भी अभियान चलाया जाता है। यहां पर अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और परमाणु पनडुब्बियां अक्‍सर लंगर डालते रहते हैं। इससे पहले यहां पर मार्च महीने में 6 बी-2 स्‍टील्‍थ बाम्‍बर भी पहुंचे थे। इसके जरिए अमेरिका ने ईरान को सख्‍त संदेश दिया था। इस बॉम्‍बर ने बाद में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ भीषण हमले किए थे।

डियागो गार्सिया की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां पर ऐतिहासिक रूप से ईरान जैसे अमेरिका के दुश्‍मनों के लिए अब तक हमला करना संभव नहीं रहा है। हालांकि अब यह द्वीप खतरे में आता दिख रहा है। ईरान और उसके प्रॉक्‍सी संगठनों जैसे हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले का खतरा मंडराने लगा है। ईरान ने कई ऐसे युद्धपोत लॉन्‍च किए हैं जिसकी मदद से डियागो गार्सिया पर बड़ी संख्‍या में मिसाइलों और विस्‍फोटक ड्रोन से हमला किया जा सकता है। ईरानी इन ड्रोन को व्‍यसायिक जहाजों से भी लॉन्‍च कर सकते हैं। अमेरिका के एफ-15 फाइटर जेट ने युद्ध के माहौल में कई बार अपनी ताकत का अहसास कराया है। इसी विमान ने ईरान के इजरायल पर हुए हमले को विफल करने में अहम भूमिका निभाई थी।

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