चंडीगढ़। पंजाब सरकार के महत्वाकांक्षी शिक्षा मॉडल को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उपस्थिति में प्राथमिक स्तर के 72 शिक्षकों के अब तक के सबसे बड़े बैच को फिनलैंड के तुर्कू शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के लिए रवाना किया। ये शिक्षक दिल्ली के रास्ते फिनलैंड के लिए रवाना हुए हैं और 29 मई तक वहां पहुंच जाएंगे, जहां वे आधुनिक ‘टीचिंग मेथड’ (शिक्षण विधियों) और नए ‘टीचिंग टूल्स’ का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि देश का निर्माण करने वाले इन शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट विधाओं से लैस करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संयुक्त प्रयासों के कारण ही आज देश के राजनैतिक परिदृश्य में शिक्षा, स्वास्थ्य व बिजली जैसे बुनियादी मुद्दे अन्य पार्टियों के चुनावी एजेंडे का मुख्य केंद्र बन गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों के परिणाम अब धरातल पर दिखने शुरू हो गए हैं। हाल ही में नीति आयोग द्वारा जारी किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए सीएम ने बताया कि पंजाब ने शिक्षा के तमाम पैमानों पर केरल, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है।
राज्य के सरकारी स्कूलों में गणित (Math), गृह विज्ञान, भाषा और विज्ञान विषयों के नतीजों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके साथ ही ‘स्मार्ट स्कूल’ के अनुपात, क्लास में बच्चों व शिक्षकों के संतुलित रेशियो और बुनियादी ढांचे के मामले में पंजाब ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आज राज्य के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब और बिजली की सुचारू व्यवस्था उपलब्ध है।
