8.8 C
London
Saturday, March 7, 2026
Homeराजनीतिकांग्रेस के लिए 'गले की हड्डी' बन चुके हैं शशि थरूर? क्यों...

कांग्रेस के लिए ‘गले की हड्डी’ बन चुके हैं शशि थरूर? क्यों दुविधा में पड़ी है पार्टी

Published on

नई दिल्ली:

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पार्टी के कुछ नेता उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की सोच रहे हैं। थरूर को पाकिस्तान पर सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है। इससे कांग्रेस में कुछ लोग नाराज हैं। उनका मानना है कि थरूर बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं। कांग्रेस के कई नेता थरूर को पार्टी के लिए खतरा मान रहे हैं। उन्हें डर है कि 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में थरूर पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस पहले ही परेशान है। इसलिए कुछ नेता चाहते हैं कि थरूर भी पार्टी छोड़ दें, इससे पहले कि वो कोई और बड़ा झटका दे दें।

शशि थरूर को लेकर मुश्किल में फंसी है कांग्रेस
News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि थरूर को अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए था। प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से पहले उन्हें पार्टी से सलाह लेनी चाहिए थी। थरूर ने सोशल मीडिया पर तुरंत इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर लिया। इससे भी कांग्रेस के कुछ नेता नाराज हैं। उन्हें लगता है कि थरूर को पार्टी को भी धन्यवाद देना चाहिए था। कांग्रेस इन सबको लेकर मुश्किल में है। अगर वो थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है, तो बीजेपी को हमला करने का मौका मिल जाएगा।

अगले कुछ दिनों में कांग्रेस ले सकती है कोई एक्शन
इसी रिपोर्ट के अनुसार थरूर को जल्द ही नोटिस भेजा जा सकता है। पार्टी उन पर नजर रखेगी कि वो आगे क्या करते हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि थरूर चार बार सांसद रह चुके हैं। पार्टी को लगता है कि उन्होंने राजनीति में काफी समय बिता लिया है। अगर वो पार्टी में बने रहते हैं, तो भविष्य में, खासकर केरल में, पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पार्टी अगले कुछ दिनों में इस बारे में रणनीति बनाएगी। पार्टी के प्रभावशाली नेताओं को लगता है कि थरूर कई बार बीजेपी के तरीके से बात करते हैं। अगर वो पार्टी में रहे, तो केरल में होने वाले चुनावों में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। पहले भी कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, इसलिए ये नेता चाहते हैं कि थरूर भी चले जाएं। उनका यह भी मानना है कि थरूर को सोच समझकर बोलना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं की आंखों में क्यों चुभ रहे हैं थरूर
दरअसल, पहले पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर जिस तरह से केरल के तिरुवनंतपुरम के सांसद ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का बचाव किया है और उसके बाद से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सैन्य कार्रवाई से लेकर कूटनीतिक स्तर पर भारत सरकार की पहल की वह सराहना कर रहे हैं, उससे कांग्रेस पार्टी बहुत ही असहज है। इसी महीने की शुरुआत में जिस तरह से एक सरकारी कार्यक्रम में वे पीएम मोदी के साथ मंच पर दिखे, उससे कांग्रेस पार्टी को और भी जोर का झटका लगा था। ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का अगुवा बनाकर अमेरिका भेजने का सरकारी फैसला कांग्रेस की आंखों में बुरी तरह चुभ रहा है। कांग्रेस यहां तक कह रही है कि ‘कांग्रेस में होना और कांग्रेस का होना’ में फर्क है। पार्टी के अंदर से उनके लिए लक्ष्मण रेखा खींचे जाने की बातें पहले ही सामने आ चुकी है, अब लगता है कि उनके कांग्रेस में शायद गिनती के दिन ही रह गए हैं।

Latest articles

शाहबाज़ डिवीजन द्वारा “शौर्य रन का आयोजन

सागर भारतीय सेना के तत्वावधान में शाहबाज़ डिवीजन द्वारा "शौर्य रन 2026" थीम के...

एचईसी रांची के सीवीओ का अतिरिक्त प्रभार बीएचईएल के शिव पाल सिंह को

नई दिल्ली। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC), रांची...

काठूवास पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माताजी के निधन पर जताया शोक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को अलवर जिले के काठूवास गांव पहुंचे, जहां उन्होंने नेता...

निशातपुरा में चाकू घोंपकर युवक की निर्मम हत्या

भोपाल निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक की चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई।...

More like this

काठूवास पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माताजी के निधन पर जताया शोक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को अलवर जिले के काठूवास गांव पहुंचे, जहां उन्होंने नेता...

एम्पलायर्स पेंशन 1995 समन्वय समिति की बैठक गोवा में, ईपीएफओ दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन की भरी हुंकार

पणजी गोवा से केसी दुबे की रिपोर्ट राष्ट्रीय संगठन निवृत्त कर्मचारी 1955 समन्वय समिति की...

भजनलाल सरकार का महिला सशक्तिकरण पर फोकस: रूरल बीपीओ और राज सखी स्टोर्स से संवरेगी आधी आबादी की किस्मत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप...