15.5 C
London
Wednesday, April 1, 2026
HomeUncategorizedह‍िंडनबर्ग मामले में माधबी पुरी बुच को क्‍लीन चिट, लोकपाल ने सभी...

ह‍िंडनबर्ग मामले में माधबी पुरी बुच को क्‍लीन चिट, लोकपाल ने सभी शिकायतों को किया खारिज

Published on

नई दिल्‍ली:

भारत के लोकपाल ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट से जुड़े आरोपों के संबंध में सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच को क्‍लीन चिट दी है। उसने बुच के खिलाफ दायर सभी शिकायतों को खारिज कर दिया है। भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था को जांच का वारंट जारी करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला।

लोकपाल ने जस्टिस ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय बेंच की ओर से पारित एक विस्तृत आदेश में कहा कि आरोप ‘अनुमानों और धारणाओं’ पर आधारित थे। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराधों को लागू करने के लिए किसी भी सत्यापन योग्य सामग्री का अभाव था। आदेश में निष्कर्ष निकाला गया कि शिकायतें जांच शुरू करने के लिए कानूनी सीमा को पूरा नहीं करती हैं। इसलिए खारिज कर दी गईं।

लोकपाल की ओर से जांच की गई शिकायतों में हिंडनबर्ग रिपोर्ट से प्राप्त सामान्य सामग्री साझा की गई। लोकपाल ने सबमिशन की समीक्षा करने के बाद बुच के खिलाफ लगाए गए पांच प्रमुख आरोपों की जांच की।

क्‍या-क्‍या लगे थे बुच पर आरोप?
हिंडनबर्ग रिपोर्ट में बुच और उनके पति धवल बुच से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन और संभावित हितों के टकराव के आरोप सामने आए थे। इनमें अडानी समूह की कंपनियों से संपर्क रखने वाले फंडों में कथित निवेश का जिक्र था। इसके अलावा, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और ब्लैकस्टोन इंक जैसी कंपनियों से कंसल्टेंसी फीस के जरिये ‘क्विड प्रो क्वो’ (एक पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के लिए कुछ करने के बदले में कुछ प्राप्त करना) के दावे किए गए थे। वोकहार्ट से प्राप्त किराये की आय को भी इसी ‘क्विड प्रो क्वो’ की प्रकृति का बताया गया था। यह भी उल्लेख किया गया था कि 2017 और 2024 के बीच आईसीआईसीआई बैंक के ईएसओपी (कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना) की बिक्री से लाभ प्राप्त हुआ। एमएंडएम और ब्लैकस्टोन से संबंधित नियामक मामलों से अलग रहने का कथित दिखावा भी सवालों के घेरे में था।’

इन आरोपों की व्यक्तिगत रूप से जांच करने के बाद लोकपाल ने निष्कर्ष निकाला कि किसी में भी कोई योग्यता नहीं है या सबूतों से पुष्टि नहीं होती है। लोकपाल के आदेश में कहा गया है, ‘…शिकायतों में आरोप अधिक अनुमानों और धारणाओं पर आधारित हैं और किसी भी सत्यापन योग्य सामग्री से समर्थित नहीं हैं… अपराधों के तत्वों को आकर्षित नहीं करते हैं… ताकि जांच का निर्देश दिया जा सके। उसी के अनुसार, इन शिकायतों का निपटारा किया जाता है।’

हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद सामने आया था मामला
यह मामला हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद सामने आया था जिसमें अडानी समूह पर कई आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद सेबी और अन्य नियामक एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की। माधबी पुरी बुच पर भी कुछ आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच लोकपाल ने की।

लोकपाल ने अपनी जांच में पाया कि माधबी पुरी बुच के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है। लोकपाल ने कहा कि आरोप केवल अनुमानों और धारणाओं पर आधारित थे और उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं था। लोकपाल के इस फैसले से माधबी पुरी बुच को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करता है और उनकी छवि को साफ करता है।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...