हैदराबाद।
केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने बीएचईएल के एक पूर्व वित्त अधिकारी और तीन निजी व्यक्तियों के खिलाफ जीएसटी इनपुट क्रेडिट में धांधली के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने कोठागुडेम ताप विद्युत परियोजना से जुड़ी उप ठेकेदार कंपनियों के जीएसटी इनपुट क्रेडिट को असंबंधित संस्थाओं में डायवर्ट कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया।
यह मामला बीएचईएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी की शिकायत पर को दर्ज किया गया। एफआईआर में बीएचईएल-कोठागुडेम के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी एवं उप प्रबंधक जी. शिव नागेश्वर राव, और तीन निजी व्यक्तियों मारकला सोमिरेड्डी, सीएच. रामकृष्ण (वासावी इलेक्ट्रो सिस्टम्स प्रा. लि. एवं आरके पावर सिस्टम्स के मालिक) तथा रावी श्रीनिवास राव (दुर्गा क्रेन्स के मालिक) को आरोपी बनाया गया है।
शिकायत के अनुसार, नागेश्वर राव ने उप ठेकेदार कंपनियों — शंकरनारायण कंस्ट्रक्शन प्रा. लि., पावर मेक प्रोजेक्ट्स लि. और वासावी इलेक्ट्रो सिस्टम्स प्रा. लि. से संबंधित जीएसटी इनपुट क्रेडिट को फर्जी तरीके से अन्य संस्थाओं में ट्रांसफर किया। इतना ही नहीं, शंकरनारायण कंस्ट्रक्शन की ओर से जारी एक जाली पत्र का इस्तेमाल बीएचईएल के बकाये से तीसरे पक्ष को भुगतान करने में किया गया।
सीबीआई ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, मेडचल-मलकाजगिरी और गुंटूर में छह जगह छापेमारी की। तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उपठेकेदारों से रोकी गई जीएसटी और रिटेंशन राशि को धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से तीसरे पक्ष को जारी किया गया।
जांच के दौरान आरोपी अधिकारी और उसके परिवार के खातों में लगभग 68 लाख रुपये की संदिग्ध जमा राशि का पता चला, इसके बाद सीबीआई ने आपराधिक जांच शुरू की।
सीबीआई ने इस मामले को आईपीसी की धाराओं के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और जालसाजी के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम क के तहत दर्ज किया है। एजेंसी ने जांच शुरू करने से पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। बीएचईएल कोठागुडेम में जेनको की 1×800 मेगावाट (चरण VII, इकाई-12) परियोजना पर काम कर रहा था।
