दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग दिग्गज भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी को भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड से लगभग ₹2,800 करोड़ का एक महत्वपूर्ण अनुबंध प्राप्त हुआ है। क्या है प्रोजेक्ट? यह ऑर्डर ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में एक सिंथेटिक गैस शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित करने के लिए है। यह संयंत्र BCGCL की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है जिसके तहत प्रतिदिन 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करने वाला कोयला-से-रसायन कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है।
परियोजना की मुख्य बातें: संयुक्त उद्यम: BCGCL, कोल इंडिया लिमिटेड (51% हिस्सेदारी) और BHEL (49% हिस्सेदारी) के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। काम का दायरा: BHEL इस प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन, इंजीनियरिंग, उपकरणों की आपूर्ति, सिविल कार्य, इरेक्शन और कमीशनिंग की जिम्मेदारी निभाएगा। समय सीमा: प्लांट को 42 महीनों के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद BHEL अगले 60 महीनों तक इसका संचालन और रखरखाव (O&M) भी करेगा। तकनीकी महत्व: यह परियोजना भारत की कोयला गैसीकरण क्षमता को बढ़ाने और आयातित उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
BHEL की मजबूत स्थिति हाल ही में BHEL को हिंडाल्को से भी ₹1,200-1,500 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला था, जिससे इसकी ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रही है। जानकारों का मानना है कि इस नए ऑर्डर से न केवल कंपनी के भविष्य के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में भी इसकी स्थिति और मजबूत होगी।
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