भोपाल
राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), हरिद्वार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), हरिद्वार द्वारा सार्वजनिक उपक्रम श्रेणी में वर्ष 2024-25 के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान आईआईटी, रूड़की में आयोजित नराकास हरिद्वार की 41वीं अर्धवार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में नराकास हरिद्वार के अध्यक्ष एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, ऋषिकेश के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) डॉ. अमर नाथ त्रिपाठी ने बीएचईएल हरिद्वार के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) पार्थ सारथी गौडा, उप प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती शशी सिंह तथा राजभाषा अधिकारी योगेंद्र प्रसाद को पुरस्कार प्रदान किया। राजभाषा कार्यान्वयन में बीएचईएल की सक्रिय भूमिका बीएचईएल हरिद्वार ने अपने कार्यालयीन कार्यों, पत्राचार, प्रशासनिक गतिविधियों, तकनीकी दस्तावेजों तथा आंतरिक संचार में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। संस्थान द्वारा कर्मचारियों के लिए हिंदी कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, राजभाषा प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां और साहित्यिक गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं, जिससे हिंदी के प्रयोग को नई गति मिली है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को मिली बधाई बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार ने नराकास राजभाषा शील्ड प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि यह पुरस्कार प्रभाग में राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट और सतत प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने भविष्य में हिंदी के प्रयोग को और अधिक व्यापक बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात भी कही।
समारोह में विशिष्ट उपस्थिति इस अवसर पर बीएचईएल के महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी, राजभाषा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा नराकास प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और हिंदी भाषा के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया। नराकास की भूमिका नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) केंद्र सरकार के कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त संस्थानों में राजभाषा हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्य करती है। नराकास द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को सम्मानित किया जाता है।
