पहाड़ीगाम, कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के रूप में निर्णायक जवाबी कार्रवाई की थी, जिसे पाकिस्तान अभी तक भूला नहीं है. अब इसी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) ने एक बहुत बड़ा और भड़काऊ बयान दिया है.
जनरल द्विवेदी ने साफ़ कहा है कि “ऑपरेशन सिंदूर तो बस एक ट्रेलर था, पूरी पिक्चर तो अभी शुरू भी नहीं हुई है.” उन्होंने यह बात आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों और उनके आकाओं को चेतावनी देते हुए कही है.
1. आतंकवाद को बढ़ावा देना चिंता का विषय
दिल्ली के मानक शॉ सेंटर में आयोजित रक्षा संवाद कार्यक्रम (Defense Dialogue program) में भाग लेते हुए जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की.
- चेतावनी: उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो यह हमारे लिए चिंता का विषय होता है.
- जवाबी कार्रवाई: सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अगर कोई प्रगति में बाधा डालेगा, तो हमें कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा, “हम आतंकवादियों और उनके आकाओं (Masters) को निश्चित रूप से जवाब देंगे.”
- सख्ती: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बर्बरता का पत्र भी आता है, तो हम जानते हैं कि किसे जवाब देना है.
2. रक्षा कूटनीति और स्मार्ट पावर
जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना अभी भी रक्षा कूटनीति (Defense Diplomacy) के क्षेत्र में सीख रही है और स्मार्ट पावर की रणनीति पर ज़ोर दिया.
- स्मार्ट पावर: उन्होंने कहा कि सेना कठिन शक्ति (Hard Power) है, और कूटनीति नरम शक्ति (Soft Power) है. जब इन दोनों का मेल होता है, तो वह स्मार्ट पावर बन जाता है.
3. भारत-चीन संबंधों में आया सुधार
सेना प्रमुख ने पूर्वी लद्दाख में LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) की स्थिति और भारत-चीन संबंधों पर भी बात की और इसमें सुधार की बात कही.
- सामान्यीकरण: जनरल द्विवेदी ने कहा कि पिछले अक्टूबर से दोनों देशों के नेताओं के बीच सामान्य स्थिति लाने के लिए बातचीत हुई है, जिससे हमारे संबंधों में काफी सुधार आया है.
यह भी पढ़िए:राजधानी में कंपकपाने वाली पड़ी ठंड, तापमान में बड़ी गिरावट
4. मणिपुर में लौट रहे हैं उम्मीद भरे दिन
मणिपुर की स्थिति पर बात करते हुए सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि वहाँ हालात तेज़ी से सामान्य हो रहे हैं.
- राष्ट्रपति का दौरा: उन्होंने संकेत दिया कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो राष्ट्रपति मणिपुर का दौरा भी कर सकती हैं.
- सकारात्मक संकेत: उन्होंने कहा कि मणिपुर के लिए उम्मीद भरे दिन वापस आ रहे हैं.
