भोपाल
राजधानी की करोंद गल्ला एवं सब्जी मंडी में उपभोक्ताओं के साथ कम तौल की शिकायतों को देखते हुए नाप-तौल विभाग ने पुलिस बल के साथ मिलकर बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान मंडी में बिना सत्यापन (सील) के तौल कांटों का उपयोग करने वाले 21 व्यापारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। लगातार मिल रही थीं शिकायतें मंडी में उपभोक्ताओं द्वारा कम तौल की शिकायतें काफी समय से सामने आ रही थीं।
नाप-तौल विभाग के उप नियंत्रक नसीमुद्दीन के अनुसार, करोंद मंडी में फल, सब्जी, अनाज और दलहन की वास्तविक तौल की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। विभाग द्वारा पिछले चार दिनों से मंडी परिसर में सत्यापन शिविर लगाया गया था, लेकिन अधिकांश व्यापारी सत्यापन कराने नहीं पहुंचे। कार्रवाई का विवरण जुर्माना जांच के दौरान 19 तौल कांटों पर सील नहीं पाई गई, जिसके चलते कुल 47,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नियमों के मुताबिक बिना सत्यापन के पाए जाने वाले प्रत्येक कांटे पर 2,500 रुपये के दंड का प्रावधान है।
मंडी में लगभग 2,000 से अधिक तौल कांटे उपयोग में हैं। कई व्यापारी 2 से 3 कांटे रखते हैं, लेकिन सत्यापन केवल एक का ही कराते हैं। मुनादी और शिविर के बावजूद अब तक केवल 37 व्यापारियों ने ही सत्यापन कराया है। अधिकारियों ने बताया कि मंडी में कार्रवाई के दौरान व्यापारियों की भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिससे मौके पर कांटों का परीक्षण करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस अभियान में निरीक्षक जेके भावसार, गोविंद रायकवार और अर्पित जैन सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। मंडी में खरीदारी के दौरान यह सुनिश्चित करें कि आप जिस कांटे पर तौल करा रहे हैं, उस पर नाप-तौल विभाग की वैध सील लगी हो, ताकि आप आर्थिक हानि से बच सकें।
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