मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। इस वर्ष के बजट में सरकार ने ग्रामीण बीपीओ से लेकर सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट्स तक कई दूरगामी घोषणाएं की हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित परिवेश प्रदान करना है। आर्थिक संबल: 100 करोड़ से बनेंगे रूरल विमेन बीपीओ ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के लिए जिला स्तर पर रूरल विमेन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, लखपति दीदी ऋण योजना की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे प्रदेश की 16 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियों’ को अपने व्यवसाय विस्तार में मदद मिलेगी।
नवाचार: राज सखी स्टोर और सक्षम सेंटर्स महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा बनाए गए उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘राज सखी स्टोर्स’ खोले जाएंगे। इसके अतिरिक्त: सक्षम सेंटर: 100 क्लस्टर लेवल फेडरेशन कार्यालयों में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता केंद्र शुरू होंगे। बैंकिंग सखी: 5 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित कर ‘बैकिंग कॉरेस्पोंडेंट’ बनाया जाएगा। नारी शक्ति उद्यम: मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है। पोषण और स्वास्थ्य: 11 हजार अमृत वाटिकाएं आंगनबाड़ी और स्कूलों में ताजी सब्जियां और फल उपलब्ध कराने के लिए 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण होगा। ‘किशोरी बालिका योजना’ का विस्तार अब राज्य के सभी 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में किया जाएगा, जिससे 50 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित होंगी।
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