भोपाल
मप्र विधानसभा परिसर में दो दिवसीय ‘युवा विधायक सम्मेलन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रहे। राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र-6) के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में तीन राज्यों के युवा जनप्रतिनिधि संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर मंथन करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
तीन राज्यों के 55 युवा विधायक हुए शामिल
इस विशेष सम्मेलन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 55 युवा विधायक सहभागिता कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा विधायकों को विधायी कार्यों, संसदीय मर्यादाओं और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित करना है।
वरिष्ठ राजनेताओं का मिला मार्गदर्शन
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री के साथ-साथ राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित रहे। वरिष्ठ नेताओं ने युवा विधायकों को संबोधित करते हुए उन्हें लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका को सजगता से निभाने की सीख दी।
संसदीय कार्यप्रणाली पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में संसदीय विशेषज्ञों द्वारा युवा विधायकों को सदन की कार्यप्रणाली, बजट प्रक्रिया और विधायी सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
