खरगोन। मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनके हितों को लेकर बड़ी बात कही है। खरगोन में आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के दो दिवसीय वार्षिक प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए तोमर ने आश्वस्त किया कि ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ की मांग को वे पुनः मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे और इस दिशा में शासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए तोमर ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्तंभ है। उन्होंने कहा, “पत्रकार समाज की आंख और कान होते हैं, जो आमजन की पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। वर्तमान समय में निष्पक्ष पत्रकारिता करना चुनौतीपूर्ण है और इसमें कई जोखिम भी हैं, इसके बावजूद पत्रकार अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।” उन्होंने पत्रकारों से अपनी लेखनी में विश्वसनीयता और संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष ने मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म गांव, गरीब और वंचित वर्ग की समस्याओं को उजागर करना है। उन्होंने संपादकीय को अखबार की आत्मा बताते हुए कहा कि एक सकारात्मक लेख समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
तोमर ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के अनुशासन की सराहना करते हुए इसका श्रेय प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया के कुशल नेतृत्व को दिया। यह प्रांतीय अधिवेशन चार चरणों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने शिरकत की। पहले दिन कार्यसमिति का प्रतिवेदन और लेखा-जोखा सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यक्रम में विधायक बालकृष्ण पाटीदार, जिला अध्यक्ष नंदा ब्रह्माने, नपा अध्यक्ष छाया जोशी सहित संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया, संयोजक रिजवान सिद्दीकी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन गौतम मालवीय ने किया और आभार प्रदर्शन जिला अध्यक्ष सदाशिव वर्मा द्वारा किया गया। इस महाकुंभ में पत्रकारों की एकजुटता और उनके अधिकारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
