जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी विजन और सकारात्मक सोच के चलते राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (आधारभूत संरचना विकास) नई रफ्तार पकड़ रहा है। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी ताजा ‘पैमाना’ रिपोर्ट के आंकड़े प्रदेश में हो रहे विकास की स्पष्ट कहानी बयां कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में रेलवे, सड़क, ऊर्जा, पेट्रोलियम और नागरिक उड्डयन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बुनियादी क्षेत्रों की लगभग 2.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 81 केंद्रीय परियोजनाएं तेजी से प्रगतिरत हैं। इन वृहद परियोजनाओं के माध्यम से राजस्थान एक आधुनिक और सुदृढ़ अवसंरचना वाले राज्य के रूप में उभर रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा।
इस विकास रथ में प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी ‘राजस्थान रिफाइनरी परियोजना’ मील का पत्थर साबित होने जा रही है, जिसका बाड़मेर के पचपदरा में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत 79 हजार 459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रिफाइनरी से न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
इसके साथ ही बाड़मेर में एचपीसीएल द्वारा 461 करोड़ रुपये की लागत से ‘पेट्रोकेमिकल निकासी एवं विपणन टर्मिनल परियोजना’ पर भी काम चल रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए राज्य में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक की एनर्जी ट्रांसमिशन की 19 परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश तक फैली 25 हजार करोड़ रुपये की ‘राजस्थान पार्ट-1 पावर ट्रांसमिशन परियोजना’ भी शामिल है।
