रायगढ़। विष्णुदेव साय एक दिवसीय दौरे पर रायगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने राजपारा स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च का दिन नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त करने की समयसीमा तय की थी। जवानों के अदम्य साहस और सरकार के प्रयासों से राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से केरल से भी बड़ा है और प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध है। हालांकि नक्सलवाद के कारण पिछले चार दशकों से यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। वहां सड़क, बिजली, पानी और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी थी। अब नक्सलवाद के खत्म होने के बाद इन क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा सरकार के लिए बड़ी चुनौती था और लोगों को विश्वास नहीं था कि इस समस्या का समाधान हो सकेगा। डबल इंजन की सरकार और सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से यह संभव हो पाया है।
भाजपा के “गांव चलो अभियान” को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 6 अप्रैल को पार्टी के स्थापना दिवस से लेकर भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा का रिश्ता बहुत पुराना और मजबूत है। जगन्नाथ मंदिर की प्रसिद्ध रथयात्रा की तरह छत्तीसगढ़ के कई गांवों में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है।
