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Monday, April 27, 2026
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अब ₹80 की फ़ीस नहीं: पंजाब सरकार ने FIR डाउनलोड के लिए शुल्क लेने का फ़ैसला लिया वापस

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चंडीगढ़। पंजाब में अब एफआईआर डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इस मुद्दे पर विवाद पैदा होने के महज एक दिन बाद ही राज्य सरकार ने 25 मार्च की आधी रात को अपना निर्णय वापस ले लिया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार का भ्रम या विवाद शेष न रहे।

सरकार के इस फैसले के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर याचिका भी वापस लिए जाने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय से सबसे अधिक नाराजगी वकीलों में देखी जा रही थी। दरअसल, वकीलों को अपने मामलों के संदर्भ में कई बार एफआईआर डाउनलोड करनी पड़ती है। ऐसे में हर बार 80 रुपये का भुगतान करना उनके लिए आर्थिक और व्यावहारिक रूप से बोझिल होता। इसी कारण वकीलों ने इस निर्णय के खिलाफ तीव्र विरोध दर्ज कराया।

जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार राज्य की विभिन्न सेवाओं को आॅनलाइन करने के साथ-साथ कुछ आवश्यक सेवाओं पर शुल्क लगाने की नीति पर कार्य कर रही थी। इसी क्रम में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एफआईआर डाउनलोड करने पर 80 रुपये का शुल्क निर्धारित किया था। विभाग का तर्क था कि एफआईआर बड़ी संख्या में डाउनलोड की जाती हैं, जिससे राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।

डीजीपी कार्यालय तक पहुंचा मामला

इस निर्णय के खिलाफ वकीलों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एफआईआर एक सार्वजनिक दस्तावेज है, जिसे प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा सकता। ऐसे दस्तावेजों को आॅनलाइन उपलब्ध कराने में भी कोई फीस नहीं होनी चाहिए। चंडीगढ़ में वकीलों के संगठन ‘काउंसिल आॅफ लॉयर्स’ के अध्यक्ष वासू रंजन और राष्ट्रीय समन्वयक अभिषेक मल्होरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीजीपी कार्यालय पहुंचा। उन्होंने मांग पत्र सौंपते हुए इस शुल्क को अनुचित और न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध बताया। इसके साथ ही इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी।

सरकार ने तुरंत जारी किए नए आदेश

मामले की गंभीरता और बढ़ते विवाद को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने 25 मार्च की रात को नए आदेश जारी कर दिए। अब ‘सांझ पोर्टल’ से एफआईआर डाउनलोड करने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पोर्टल का संचालन करने वाले प्रशासनिक विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शुल्क से संबंधित व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।

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