भोपाल। राजधानी भोपाल में बीपीएल राशन कार्ड बनाने में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एमपी नगर एसडीएम कार्यालय से जनवरी से मार्च के बीच 100 से अधिक बीपीएल कार्ड जारी किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में अपात्र लोगों को भी शामिल कर लिया गया। उस समय यहां एसडीएम के पद पर एलके खरे पदस्थ थे। जांच में सामने आया है कि जिन लोगों को बीपीएल कार्ड दिए गए, उनमें सरकारी कर्मचारी, कलेक्ट्रेट का क्लर्क और ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिनके पास पक्का मकान, फ्लैट, कार और दोपहिया वाहन मौजूद हैं।
कई परिवारों की मासिक आय 40 से 50 हजार
कई परिवारों की मासिक आय 40 से 50 हजार रुपए तक बताई जा रही है, इसके बावजूद उन्हें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी में शामिल कर दिया गया। पड़ताल में यह भी सामने आया कि कई मामलों में कार्ड बनवाने के लिए गलत या भ्रामक पते दिए गए। एक मामले में जिस पते पर बीपीएल कार्ड बनाया गया, वहां मौके पर खाली प्लॉट मिला। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि सर्वे प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई या रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपात्र लोगों को पात्र बनाया गया।
दोषियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, एक-एक बीपीएल कार्ड बनवाने के बदले 5 से 15 हजार रुपए तक लेने के आरोप भी सामने आए हैं। मामले को लेकर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर भोपाल ने कहा है कि यदि बीपीएल राशन कार्ड गलत तरीके से बनाए गए हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जिम्मेदार कर्मचारियों और कार्ड बनवाने वालों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
