मोगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के किसानों और आम जनता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने आढ़तियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार गेहूं की खरीद और उठान में किसानों को रत्ती भर भी परेशानी नहीं आने देगी। उन्होंने घोषणा की कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सहकारी समितियों के माध्यम से गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी और जो आढ़ती हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, उन्हें आगामी खरीफ सीजन में धान आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी कड़ी में उन्होंने 13 अप्रैल से ’30 दिन तकसीम’ योजना शुरू करने का एलान किया, जिसके तहत भूमि बंटवारे के लंबित विवादों का निपटारा आवेदन के मात्र 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए जनता से फिर से जनादेश मांगा। उन्होंने मुफ्त बिजली, 65 हजार सरकारी नौकरियां और नहर के पानी के उपयोग में हुई 78 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा तंज कसा। मान ने कहा कि “टाइट पजामा और ओवरकोट” पहनने वाले नेता खेतों की जमीनी हकीकत और किसानों का दर्द नहीं समझ सकते।
इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जनता को संबोधित किया और उमड़ी भीड़ को 2027 में ‘आप’ की भारी बहुमत से वापसी का संकेत बताया। मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं में फिंगरप्रिंट की अनिवार्यता खत्म करने और खेतों में अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग को बढ़ावा देने जैसे दूरगामी कदमों की भी जानकारी दी।
