भोपाल। राजधानी के विभिन्न इलाकों में शराब दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सेमराकलां, मंदाकिनी चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, अवधपुरी और ईंटखेड़ी जैसे क्षेत्रों में स्थानीय रहवासी और संगठन दुकानों को हटाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं। सेमराकलां में पिछले सवा साल से चल रहे विरोध के बाद अब महिलाएं दुकान के सामने भजन-कीर्तन कर अपना विरोध जता रही हैं।
इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मंत्री विश्वास सारंग और विधायक रामेश्वर शर्मा ने कलेक्टर व आबकारी अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि घनी आबादी और मंदिरों के समीप शराब दुकानों का संचालन स्वीकार्य नहीं है। विधायक शर्मा के आग्रह के बाद मंदाकिनी चौराहे की दुकान को शिफ्ट करने के लिए नई जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर, पॉलीटेक्निक चौराहे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए दुकान के बोर्ड और बैनर हटा दिए, जिससे पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अवधपुरी के ऋषिपुरम् में भी रहवासी पिछले पांच दिनों से सुंदरकांड का पाठ कर दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन दुकानों के कारण छेड़छाड़ और मारपीट जैसी आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। हालांकि, आबकारी विभाग कई मामलों में नियमों का हवाला देकर कार्रवाई से बच रहा है, लेकिन बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव के चलते प्रशासन अब इन पांच प्रमुख दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना बना रहा है।
