नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर प्रदेश के किसानों और मंडीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए तुरंत केंद्रीय टीम भेजने की मांग की, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
मुलाकात के दौरान मान ने पंजाब के रुके हुए करीब 9000 करोड़ रुपये के ग्रामीण विकास कोष (RDF) को किश्तों में जारी करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यदि राशि जारी कर दी जाती है, तो पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपना केस वापस लेने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित हो चुका है कि यह पैसा केवल मंडियों के विकास पर ही खर्च किया जाएगा।
बैठक के दौरान सीएम मान ने पांच मुख्य बिंदुओं पर केंद्र का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने एफसीआई (FCI) के गोदामों में पड़े 155 मीट्रिक टन गेहूं को तुरंत उठाने और स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की ताकि आने वाली फसल के लिए जगह बन सके। इसके अलावा, उन्होंने कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) पर लगने वाले अतिरिक्त ब्याज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आरबीआई द्वारा राज्यों से केंद्र की तुलना में अधिक ब्याज वसूलने से पंजाब को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोत्तरी की वकालत करते हुए पंजाब और हरियाणा के मजबूत मंडीकरण ढांचे को केंद्रीय नियमों से अलग रखने का सुझाव दिया। वहीं, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ को फसल बीमा योजना के लिए उन्हें नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखना चाहिए, जबकि अकाली दल पर तंज कसते हुए कहा कि वे जनता की कचहरी में पहले ही फेल हो चुके हैं।
