भोपाल। बढ़ती महंगाई और कम मजदूरी के खिलाफ मजदूरों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के मेन गेट पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एकत्रित होकर न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने मध्यप्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि कई अन्य प्रदेशों में वेतन वृद्धि की जा चुकी है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अभी भी मौन साधे हुए है।
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि वर्तमान वेतन में परिवार का गुजारा करना अब मुमकिन नहीं रह गया है, इसलिए सरकार को तुरंत न्यूनतम वेतन बढ़ाने का निर्णय लेना चाहिए। इस दौरान पुषण भट्टाचार्य, लोकेंद्र शेखावत, पी एन वर्मा, रामबिहारी प्रसाद और कमलेश गुप्ता सहित सैकड़ों मजदूर नारेबाजी करते नजर आए। वहीं दूसरी ओर, नोएडा में इसी मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है।
मजदूर संगठनों ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो यह आंदोलन पूरे देश में और भी उग्र रूप धारण करेगा।
