भोपाल। राजधानी में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत गहरा गई है। इस किल्लत को दूर करने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन घरों में विवाह समारोह हैं, उन्हें गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए नजदीकी गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड और पहचान पत्र जमा करना होगा। इस प्रक्रिया के बाद ही एक परिवार को अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे। जिला खाद्य नियंत्रक (फूड कंट्रोलर) चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सभी एलपीजी कंपनियों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत नियम कुछ इस प्रकार होंगे
डिपॉजिट उपभोक्ताओं को प्रत्येक सिलेंडर के लिए ₹2200 की सुरक्षा राशि (दो सिलेंडरों के लिए ₹4400) जमा करनी होगी। यह राशि सिलेंडर वापस करने पर लौटा दी जाएगी। रिफिलिंग चार्ज गैस भरवाने के लिए प्रति सिलेंडर ₹1850 का शुल्क अलग से देना होगा। समय सीमा सिलेंडर प्राप्त करने के 2 से 3 दिन के भीतर उसे एजेंसी पर लौटाना अनिवार्य होगा।
आवेदन में देनी होगी आयोजन की विस्तृत जानकारी
सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आवेदक को एक औपचारिक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, समय और आयोजन स्थल का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमित संसाधनों का वितरण पारदर्शी तरीके से सीधे जरूरतमंदों तक हो सके। प्रशासन की इस नई व्यवस्था पर कैटर्स एसोसिएशन ने असंतोष व्यक्त किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रिंकू भटेजा का कहना है कि बड़े आयोजनों में गैस की खपत बहुत ज्यादा होती है, ऐसे में केवल दो सिलेंडर ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। सिलेंडर की कमी के कारण कई कैटर्स को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है या खाने के मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है।
