जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम से एक नई पहल की है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में ‘आधी आबादी’ की पूरी सहभागिता सुनिश्चित करना राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं का आह्वान किया कि वे पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में लाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की बेटियां आज खेल, शिक्षा, विज्ञान और रक्षा जैसे हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने बेटियों से आत्मनिर्भर बनने और समाज में बदलाव की वाहक बनने का आग्रह किया।
छात्राओं के अनुभव सुनने के बाद भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी का दृढ़ आत्मविश्वास ही ‘विकसित भारत’ की आधारशिला बनेगा। उन्होंने कहा जब हमारी बेटियां निडर होकर अपने विचारों को साझा करती हैं, तो यह विकसित होते राजस्थान और भारत की एक जीवंत तस्वीर पेश करता है।
