भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) भोपाल ने तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के कार्यपालक निदेशक पीके उपाध्याय ने ब्लॉक-2 (टीएएम) में अपग्रेड की गई ‘2-एक्सिस सीएनसी वार्ड लेथ मशीन’ और ‘रिकन्डीशंड वर्टिकल बोरर मशीन’ का उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि इन मशीनों का अपग्रेडेशन और नवीनीकरण पूरी तरह से बीएचईएल के आंतरिक प्रयासों (इन-हाउस) द्वारा संपन्न किया गया है।
इस परियोजना से निर्माण प्रक्रियाओं में सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। सीएनसी वार्ड लेथ और वर्टिकल बोरर मशीन के अपग्रेड होने से ट्रैक्शन अल्टरनेटर के महत्वपूर्ण बेयरिंग कॉम्पोनेंट, स्पाइडर, बैरल और स्टेटर फ्रेम के निर्माण की उत्पादकता में भारी सुधार होगा। यह कदम अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने और भारत के औद्योगिक विकास को गति देने के प्रति बीएचईएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बीएचईएल का टीपीटीएन और सीईटी समूह वर्तमान में भविष्य की परिवहन, तेल उत्खनन और रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक दूरदर्शी रणनीति पर काम कर रहा है। समूह ने ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के लिए उन्नत 3-फेज एसी मोटर की आपूर्ति शुरू कर दी है। साथ ही, मेट्रो रेल और एमईएमयू (MEMU) परियोजनाओं के लिए उच्च दक्षता वाली मोटरों की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है।
रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती देते हुए रोटरी फ्रीक्वेंसी कन्वर्टर और कॉम्पैक्ट अल्टरनेटर का निर्माण किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाते हुए, समूह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मोज़ाम्बिक गणराज्य को डीजल लोको डीसी मोटरों का निर्यात किया है। अब समूह का ध्यान अफ्रीकी देशों की जरूरतों के अनुरूप उच्च क्षमता वाली मोटरों के निर्माण पर है। उद्घाटन अवसर पर महाप्रबंधक आशीष औरंगाबादकर, राजेश अग्रवाल और आकाश दानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
