भोपाल। राजधानी के एमपी नगर स्थित एक निजी कंपनी में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कंपनी द्वारा जारी एक विवादित सर्कुलर में कर्मचारियों को तिलक, कलावा, अंगूठी, कड़ा, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया गया है। इस फैसले के विरोध में शुक्रवार को हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने कंपनी के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब फैक्ट्री के एक कर्मचारी ने दावा किया कि वह तिलक और हाथ में कलावा बांधकर काम पर पहुंचा था, लेकिन उसे गेट पर ही रोक कर बाहर कर दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि यह उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है। सूचना मिलते ही हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी की अगुवाई में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध स्वरूप कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। वहीं, कंपनी के मैनेजर वीएस राजपूत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह सर्कुलर किसी की आस्था को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्ट क्वालिटी को ध्यान में रखकर जारी किया गया था।
प्रबंधन का तर्क है कि अंगूठी या कड़े जैसे सामान से उत्पाद के रिजेक्ट होने की संभावना रहती है। हालांकि, विरोध बढ़ता देख मैनेजर ने आश्वासन दिया है कि इस नोटिस को वापस लेने पर विचार किया जाएगा। हिंदू उत्सव समिति ने इस मामले में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि धार्मिक परंपराओं पर यह आघात बंद नहीं हुआ, तो वे कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की अपील करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी समिति ने न्यू मार्केट स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर इसी तरह के ‘ड्रेस कोड’ विवाद को लेकर प्रदर्शन किया था। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति है और प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा है।
