भोपाल। मप्र में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना निदेशालय ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को प्रथम चरण के कार्यों के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 1 मई से 30 मई 2026 के बीच पूरे प्रदेश में मकान सूचीकरण (House Listing) और मकानों की गणना का फील्ड कार्य युद्ध स्तर पर किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में जुटे प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजर्स को 26 से 30 अप्रैल के बीच अपने आवंटित क्षेत्रों का सघन दौरा करना होगा।
इस पांच दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक की सीमाओं की सटीक पहचान करना है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि फील्ड विजिट का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गणना के दौरान कोई भी मकान छूटने न पाए और न ही किसी भवन का दोहराव हो। प्रशासन ने प्रशिक्षण कार्य को प्राथमिकता दी है। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 25 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण के तुरंत बाद इन्हें फील्ड विजिट पर भेजा जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्र की वास्तविक भौगोलिक स्थिति को समझ सकें। यदि सीमाओं के निर्धारण में कोई तकनीकी त्रुटि या बदलाव नजर आता है, तो उसे तत्काल ‘HLBC’ पोर्टल पर अपडेट करना होगा। जनगणना निदेशालय ने सख्त लहजे में कहा है कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रगणकों को हर मकान का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना अनिवार्य होगा। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर इस पहले चरण को त्रुटिहीन और सफल बनाएं।
