भोपाल। राजधानी के जाटखेड़ी क्षेत्र में सड़क निर्माण के नाम पर 20 से अधिक मकानों को तोड़े जाने की कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। प्रशासन द्वारा दिए गए बेदखली के नोटिस के खिलाफ अब कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने बेघर हुए परिवारों के लिए ‘स्थायी पुनर्वास’ की मांग करते हुए प्रशासन को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जाटखेड़ी में यह बस्ती पिछले 20 से 30 वर्षों से बसी हुई है। पीढ़ी दर पीढ़ी यहां रह रहे परिवारों को बिना किसी पुख्ता पुनर्वास योजना के अचानक बेदखल करना निंदनीय है। श्री झूमरवाला ने बताया कि कुछ मकान पहले ही तोड़ दिए गए हैं, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सड़क निर्माण के नाम पर गरीबों के सिर से छत छीनना किसी भी संवेदनशील प्रशासन के लिए शर्मनाक है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास का हम विरोध नहीं करते, लेकिन विकास की वेदी पर गरीबों का आशियाना नहीं उजड़ना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि जब तक इन परिवारों को स्थायी रूप से कहीं और नहीं बसाया जाता, तब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए।
विरोध दर्ज कराने के दौरान झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनुज निकेश चौहान और जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बेघर हुए परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरी कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
