भोपाल। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनी जितनी हाईटेक हो रही है, चोर उनसे एक कदम आगे निकलकर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शहर के छोला और नादरा बस स्टैंड जोन में बिजली कंपनी की सतर्कता टीम ने चोरी के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पारंपरिक ‘कटिया’ की जगह डिश वायर, इंटरनेट केबल और जंक्शन बॉक्स का इस्तेमाल कर सीधे खंभे से कनेक्शन जोड़ रहे थे।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जंक्शन बॉक्स के कनेक्टर से केबल जोड़कर सप्लाई सीधे घरों और निर्माणाधीन इमारतों तक पहुँचाई थी। इस तरीके से मीटर पूरी तरह बाईपास हो रहा था। नारियलखेड़ा और आसपास के इलाकों में 10 मीटर लंबी केबल खींचकर और घरों में लोकल अर्थ बनाकर अवैध रूप से बिजली जलाई जा रही थी। एक तीन मंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग में तो एलटी पैनल से अलग एमसीबी (MCB) जोड़कर बिजली ली जा रही थी।बिजली कंपनी ने कार्रवाई करते हुए ऐसे 26 मामलों में केस दर्ज किए हैं और करीब 16 लाख रुपए की बिलिंग (जुर्माना) की है।
मौके से 9 बाईपास किए गए मीटर भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, चोरी का यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे न केवल ट्रांसफार्मर फेल होने का खतरा रहता है, बल्कि शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के लिए अपनी ‘पारितोषिक योजना’ में बड़ा बदलाव किया है। अब बिजली चोरी की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रकरण दर्ज होते ही प्रोत्साहन राशि का 5 प्रतिशत हिस्सा तुरंत दे दिया जाएगा।
शेष 5 प्रतिशत राशि वसूली होने के बाद मिलेगी। कंपनी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक 204 मामलों में सूचना देने वालों को 5.05 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जा चुका है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ नियमित और संविदा कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारी भी ले सकते हैं। चोरी की सूचना कंपनी के पोर्टल mpcz.in पर गोपनीय रूप से दी जा सकती है।
