जयपुर। राजस्थान में ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ का शुक्रवार, 1 मई से औपचारिक आगाज हो गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर प्रदेशवासियों के सामने एक उदाहरण पेश किया।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान को राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ बताते हुए कहा कि आज नागरिकों द्वारा दी गई सही और सटीक जानकारी ही कल के ‘विकसित राजस्थान’ और ‘विकसित भारत’ की नींव रखेगी। उन्होंने कहा, “जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया या आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भविष्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की योजनाएं तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।”
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के विशाल क्षेत्रफल का जिक्र करते हुए कहा कि जनगणना कर्मी भीषण गर्मी में लंबी दूरी तय कर ढाणियों और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे राजस्थान की ‘अतिथि देवो भव:’ की गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए इन कर्मियों का सहयोग करें और उन्हें पूरी तरह सत्य व सटीक जानकारी प्रदान करें।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल माध्यम से डेटा भरने के बाद भी प्रगणक सत्यापन के लिए घर आएंगे।
नागरिकों को हिदायत दी गई है कि वे प्रगणकों के साथ अपनी जानकारी साझा करें, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी (OTP) साझा न करें। इस डिजिटल जनगणना से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों में पारदर्शिता और शुद्धता भी सुनिश्चित होगी।
