भोपाल। राजधानी भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे बनी करीब 70 साल पुरानी आदिवासी बस्ती को शनिवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में हटा दिया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर लगभग 3 बजे तक चली। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और चारों ओर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान करीब 27 परिवारों को हटाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकानों में शिफ्ट किया जाएगा। कार्रवाई के लिए करीब 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
कार्रवाई का विरोध करने के लिए जीतू पटवारी, पीसी शर्मा, शबिस्ता जकी और आसिफ जकी सहित कई कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान एक युवक विरोध में टावर पर चढ़ गया, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतार लिया। विरोध बढ़ने पर बस्ती के लोगों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
कार्रवाई के दौरान कई रहवासियों ने आरोप लगाया कि उन्हें घरों से सामान निकालने का पूरा समय नहीं दिया गया, जिससे उनके जरूरी दस्तावेज और सामान मलबे में दब गए। महिलाओं और बच्चों ने सड़क पर बैठकर विरोध भी जताया। प्रशासन का कहना है कि हटाए गए परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने एक बीएचके फ्लैटों में बसाया जाएगा, जिनमें हॉल, कमरा, किचन और बाथरूम की सुविधा उपलब्ध है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर वॉटर कैनन सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
