भोपाल। राजधानी की थाना हनुमानगंज पुलिस ने साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुम हुए 50 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इन सभी फोन को उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देशों के तहत संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण और शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।
इस मुहिम को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन, पुलिस उपायुक्त (जोन-03) आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीपक नायक और सहायक पुलिस आयुक्त राकेश सिंह बघेल के निर्देशन में अंजाम दिया गया। हनुमानगंज थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसे गुम हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग का जिम्मा सौंपा गया था। पुलिस के अनुसार, हनुमानगंज थाना क्षेत्र में अलग-अलग समय और स्थानों पर लोगों के मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल ‘सीईआईआर’ पोर्टल पर मोबाइलों की जानकारी अपलोड कर ट्रैकिंग शुरू की।
तकनीकी जांच के दौरान मोबाइलों के अपडेट डाटा, सीडीआर और कैफ रिपोर्ट के आधार पर लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर 50 गुम मोबाइल बरामद कर लिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ी कामयाबी सतर्क पुलिसिंग और साइबर तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। बरामद मोबाइलों को संबंधित शिकायतकर्ताओं को सौंपने का काम जारी है। इसी के साथ भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में वे तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर लॉग इन करें और नजदीकी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते ट्रैकिंग कर मोबाइल बरामद किया जा सके।
