भोपाल। राजधानी की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘प्रभात साहित्य परिषद’ द्वारा हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य विषय ‘चेहरे’ रखा गया था, जिस पर शहर के चुनिंदा रचनाकारों ने अपनी मर्मस्पर्शी और तीखी रचनाओं के जरिए खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार महेश प्रसाद सिंह ने की। वहीं, वरिष्ठ साहित्यकार सुश्री कान्ति शुक्ला “उर्मि” मुख्य अतिथि तथा वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन चंद्रभान राही द्वारा किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर संस्था द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। पिछली काव्य गोष्ठी की सर्वश्रेष्ठ रचना चुने जाने पर वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती मधुलता शर्मा को इस वर्ष के प्रतिष्ठित ‘सरस्वती प्रभा सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
गोष्ठी की शुरुआत डॉ. प्रतिभा द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद ‘चेहरे’ के विविध रंगों और मुखौटों को उजागर करते हुए कवियों ने अपनी रचनाएँ पेश कीं हरि ओम सोनी सियासी चालों को देर से समझोगे, ये लोग हालात देखकर चेहरे बदल लेते हैं। श्रीमती मधुलता शर्मा कितने ही चेहरे रोज़ मिलते हैं राहों में, कुछ ठहर जाते हैं दिल की पनाहों में।
हीरालाल पारस दर्पण को भी दे जाते धोखा, एक चेहरे में होते हैं कई चेहरे। महेश प्रसाद सिंह वोट ख़ातिर भली जनता को दगा दिये हैं लोग असली चेहरे पर मुखौटा लगा लिये हैं। डॉ. अनिल शर्मा मयंक किसी को नेता, किसी को मंत्री, लोग जिन्हें कहते हैं, एक चेहरे पे सौ सौ चेहरे, लगा के ये रहते हैं। नीता सक्सेना दर्द आंखों से पिघलता है बताओ क्या करें, वक्त के चेहरे बदलते हैं बताओ क्या करें।
इसके साथ ही ऐसऐन शर्मा, रमेश नन्द, डॉ. प्रतिभा द्विवेदी, चंद्रभान राही और विरोनिका पीटर एवं शोभा जोशी “साक्षी” ने भी अपनी सशक्त रचनाओं से वर्तमान परिवेश और मानवीय स्वभाव पर गहरा कटाक्ष किया। इस सफल काव्य गोष्ठी में शहर के जाने-माने साहित्यकारों- सर्वश्री शफी लोदी, संत कुमार मालवीय, वंदना अतुल जोशी, सुरेश सोनपुरे, मनोज जैन ‘मधुर’, आबिद काज़मी, ताहा अल हुसैनी, अशोक धमेंनिया, सुनील चतुर्वेदी, डॉ. अशोक व्यास और एम. ए. मौखेरे ने भी सक्रिय सहभागिता की और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी साहित्यकारों और सुधी श्रोताओं का आभार प्रदर्शन अशोक निर्मल द्वारा किया गया।
