राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार सुबह डूंगरपुर जिले के ऐतिहासिक गांव धम्बोला में एक अलग ही अंदाज में नजर आए। सुबह करीब साढ़े छह बजे मुख्यमंत्री सुरक्षा के तामझाम को पीछे छोड़ सफेद टी-शर्ट और लोअर में दो किलोमीटर लंबी मॉर्निंग वॉक पर निकले। करीब डेढ़ घंटे की इस वॉक के दौरान सीएम को अपने बीच पाकर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव की गलियों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री ने जहां एक तरफ बच्चों को चाकलेट बांटी, बुजुर्गों से पेंशन मिलने का हालचाल जाना और महिलाओं से संवाद किया, वहीं दूसरी तरफ क्षेमसागर तालाब की पाल पर बैठकर ग्रामीणों के साथ ‘कुल्हड़ चाय’ पीते हुए खाट पर चौपाल लगाई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने तालाब में गंदे पानी की निकासी को रोकने तथा इसके संरक्षण के लिए ₹50 लाख के बजट की घोषणा की। साथ ही सुराता डोल कुंजेला नाले पर बांध बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने का आश्वासन भी दिया। मॉर्निंग वॉक के दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को फूल-मालाएं पहनाईं और अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीण मानसी पंड्या ने अपने दोनों पैरों से दिव्यांग पिता (भादर पंचायत के वीडीओ) के धम्बोला में ही ट्रांसफर की गुहार लगाई, जिस पर सीएम ने कलेक्टर को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं संजय पंचाल नामक ग्रामीण ने अपनी पत्नी के दिल में छेद और ब्रेन ट्यूमर के महंगे इलाज के लिए सरकार से आर्थिक मदद मांगी।
गांव की गलियों में बिजली के झूलते तारों और जंग लगे खंभों की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही बिजली निगम के अधिकारियों को तलब कर पूरी लाइन को अंडरग्राउंड करने के कड़े निर्देश जारी किए। वॉक के दौरान जब छात्रा पूनम और भाविका ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया, तो मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पिछले दो वर्षों में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया है और सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से कराई हैं। उन्होंने छात्राओं को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देकर कड़ी मेहनत करने की नसीहत दी।
