भोपाल। राजधानी के निशातपुरा अंतर्गत यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे स्थित अन्नू नगर में बुधवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ रेलवे की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से बसाई गईं करीब 84 झुग्गियों को जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई के जरिए रेलवे की करीब 4200 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7.5 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके न हटने पर यह सख्त कदम उठाया गया। प्रशासनिक जांच में इस अतिक्रमण के पीछे एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कई कब्जाधारियों के पास शहर में पहले से ही अपने पक्के मकान और अन्य झुग्गियां मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्होंने रेलवे की इस जमीन पर अवैध रूप से झुग्गियां तान लीं और उन्हें 2 से 3 हजार रुपए महीने के किराए पर दूसरों को दे दिया। इतना ही नहीं, मौके पर कई झुग्गियों को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिनके भीतर भारी मात्रा में फैब्रिकेशन का सामान भरा हुआ मिला। साफ है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर कमाई का एक पूरा अवैध सिस्टम खड़ा कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि इस स्थान से ठीक तीन साल पहले भी रेलवे ने भारी अमले के साथ अतिक्रमण हटाया था।
इसके बाद रेलवे ने भविष्य में दोबारा कब्जे रोकने के लिए निशातपुरा फाटक से फेंसिंग (तारबंदी) करने का काम शुरू किया था, लेकिन अन्नू नगर पहुंचते-पहुंचते यह काम किन्हीं कारणों से ठप हो गया। फेंसिंग का काम रुकते ही भू-माफिया और कब्जाधारी फिर सक्रिय हो गए और उन्होंने करीब एक किलोमीटर के दायरे में दोबारा झुग्गियां बसा दीं। बताया गया है कि पिछले महज छह महीने के भीतर ही इस 4200 वर्गमीटर जमीन पर दोबारा तेजी से अवैध कब्जे किए गए थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जमीन खाली होने के बाद अब यहाँ तुरंत फेंसिंग का कार्य पूरा कराया जाएगा।
