भोपाल। भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए जल्द ही गर्व का एक और ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। भोपाल की रहने वाली देश की जानी-मानी 55 वर्षीय पर्वतारोही ज्योति रात्रे अब अपने अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान पर निकलने जा रही हैं। इस बार उनका लक्ष्य मैक्सिको स्थित ‘पिको डी ओरिजाबा’ शिखर है, जो 5,636 मीटर (18,491 फीट) की ऊंचाई के साथ उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि अब तक भारत की किसी भी महिला पर्वतारोही ने इस दुर्गम शिखर पर तिरंगा नहीं फहराया है। यदि ज्योति रात्रे इस मिशन में सफल होती हैं, तो यह भारतीय महिला पर्वतारोहण के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय होगा। बर्फ से ढके इस विशाल स्ट्रेटोवोल्केनो (ज्वालामुखी) पर चढ़ाई करना दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियानों में गिना जाता है। अत्यधिक ऊंचाई, जमा देने वाली हाड़ कंपाती ठंड, बर्फीले तूफान, तेज हवाएं और खड़ी ढलानें इस मिशन को बेहद खतरनाक बनाती हैं। ऐसे में यह यात्रा ज्योति रात्रे की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ उनकी मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा लेगी। हालांकि, ज्योति रात्रे इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित कई अंतरराष्ट्रीय शिखरों पर तिरंगा फहराकर अपनी ताकत और साहस का लोहा मनवा चुकी हैं।
ज्योति रात्रे इस अभियान को केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानतीं, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण के एक बड़े संदेश से जोड़ती हैं। उनका कहना है कि यह मिशन खास तौर पर ग्रामीण भारत की महिलाओं को साहस, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है। प्रस्थान से पहले अपने इरादे स्पष्ट करते हुए ज्योति ने कहा, “पर्वतारोहण हमें सिखाता है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी शिखर असंभव नहीं होता। मैं चाहती हूं कि देश की हर महिला यह समझे कि सीमाएं वही होती हैं, जिन्हें हम खुद अपने दिमाग में तय करते हैं।” ज्योति का यह नया अभियान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय बनने जा रहा है।
