चंडीगढ़। पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिलों और 20 नगर पंचायतों (कुल 104 निकायों) के लिए हुई मतगणना के जो रुझान और नतीजे सामने आ रहे हैं, उनमें सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रचंड बहुमत के साथ एकतरफा दबदबा कायम किया है। इसे आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘ट्रेलर’ माना जा रहा है। कुल 1977 वार्डों के लिए हुए इस चुनाव में आम आदमी पार्टी अब तक 800 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि कांग्रेस दूसरे और निर्दलीय (आजाद) उम्मीदवार तीसरे नंबर पर चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनावी मुकाबले में सबसे पीछे रहकर मुख्य रेस से लगभग बाहर हो चुकी है।
यह चुनाव न केवल पार्टी स्तर पर बल्कि पंजाब के कई राजनीतिक दिग्गजों के लिए साख और इज्जत का सवाल बना हुआ था, जिसमें कई किलों में सेंधमारी हुई है तो कुछ क्षत्रप अपना गढ़ बचाने में कामयाब रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी नगर कौंसिल की 21 सीटों में से ‘आप’ ने 19 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है, जबकि बाकी 2 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं और कांग्रेस, अकाली दल व भाजपा का यहाँ सूपड़ा साफ हो गया।
इसी तरह, पंजाब ‘आप’ के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के गृह जिले बरनाला की सुनाम नगर परिषद में भी पार्टी ने 23 में से 19 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि लौंगोवाल नगर परिषद के 15 वार्डों में से 10 पर कब्जा जमाया। इसके विपरीत, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा; उनके गढ़ गिद्दड़बाहा नगर काउंसिल में ‘आप’ विधायक डिंपी ढिल्लों का जादू सिर चढ़कर बोला और ‘आप’ ने 19 में से 17 सीटें जीतकर कांग्रेस को करारी शिकस्त दी। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के प्रभाव वाली मजीठा नगर काउंसिल की 13 सीटों में से 7 पर ‘आप’ और 6 पर अकाली दल ने जीत दर्ज की।
