भोपाल। राजधानी और स्थानीय स्तर पर रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के हितों की रक्षा करने वाले ‘हाथ-ठेला एवं फुटपाथ व्यापारी संघ, उज्जैन’ (संबद्ध: भारतीय मजदूर संघ) ने प्रशासन के समक्ष एक शिकायती पत्र सौंपकर कतिपय असामाजिक तत्वों और नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से हो रही अवैध वसूली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों और प्रभावित दुकानदारों का आरोप है कि नानाखेड़ा, तरणताल और कंठाल क्षेत्र सहित उज्जैन शहर के विभिन्न प्रमुख बाजारों में वर्षों से नियमानुसार अपनी दुकान और ठेला लगाने वाले गरीब व्यापारियों को पिछले कुछ समय से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता संजू चौहान, जो कि हाथ-ठेला एवं फुटपाथ व्यापारी संघ उज्जैन के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि कुछ रसूखदार और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग क्षेत्र में सक्रिय हैं, जो खुद को नगर निगम और स्थानीय रसूखदारों का करीबी बताकर प्रत्येक ठेला चालक से रोजाना और मासिक तौर पर अवैध रूप से मोटी रकम की मांग करते हैं। पैसे न देने पर दुकानदारों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और उनका सामान जबरन जब्त करने या फिंकवा देने की धमकी दी जाती है। व्यापारियों ने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ बताया कि वर्ष 2014 से लगातार वे नगर निगम सीमा के अंतर्गत तय नियमों का पालन करते हुए अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन वर्तमान में चल रही इस अवैध वसूली ने उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, विगत दिनों 20 फरवरी 2026 को भी कुछ दुकानदारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनका कीमती सामान बलपूर्वक उठा लिया गया।
इस संबंध में स्थानीय थाना पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर सूचित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे इन अवैध वसूली करने वालों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं। इस प्रताड़ना से तंग आकर आज बड़ी संख्या में पीड़ित फुटपाथ व्यापारियों ने एकजुट होकर हस्ताक्षर अभियान चलाया और एक ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। शिकायती पत्र के अंत में हाथ-ठेला संघ के अध्यक्ष संजू चौहान, बाबूराम, विष्णु शर्मा, रामकुंवार, विजय जैन, शुभा जोशी, किसन मेहता, प्रकाशचंद्र, वसंती केवट, राहुल सोलंकी, बंटी, मीनाबाई सहित दर्जनों स्थानीय पीड़ित व्यापारियों ने अपने हस्ताक्षर कर शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल ने इन अवैध वसूली करने वाले गुंडों और भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कदम नहीं उठाए, तो समस्त फुटपाथ और हाथ-ठेला व्यापारी उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
