भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल में भरपूर जलस्रोत होने के बावजूद नगर निगम लोगों को सुचारू रूप से पानी पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। कोलार प्रोजेक्ट की 1650 एमएम व्यास की मुख्य ग्रेविटी पाइप लाइन में हुए बड़े लीकेज के कारण पिछले तीन दिनों से शहर के 75 से ज्यादा इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। हालांकि निगम प्रशासन द्वारा तुलसी नगर, शिवाजी नगर, जेपी अस्पताल और कोलार क्षेत्र समेत कई प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी भेजने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही है।
हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि टैंकरों के पहुंचते ही पानी के लिए भारी भीड़ और अफरा-तफरी मच रही है, जिससे परेशान होकर नागरिकों को महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस भीषण जल संकट के बीच गुरुवार को जमीनी हकीकत जानने पहुंचीं नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। बांसखेड़ी और कोलार के वार्ड-83 में निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों और कोलार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने कमिश्नर को घेरते हुए अपनी पीड़ा सुनाई।
जनप्रतिनिधियों ने सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को इस संकट की मुख्य वजह बताया और कहा कि कछुआ गति से चल रहे सुधार कार्य के कारण आम जनता परेशान है। स्थानीय नागरिकों विजय वर्मा, बृजलाल साहू, ओमप्रकाश अहिरवार और रिंकू यादव ने कमिश्नर से मांग की है कि जब तक पाइप लाइन का सुधार कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को इस भीषण समस्या से फौरी राहत मिल सके।
