भोपाल। सार्वजनिक क्षेत्र की देश की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकलल्स लिमिटेड (भेल) ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भेल को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में ‘मेजा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-II’ (3×800 मेगावाट) के निर्माण के लिए ₹21,000 करोड़ से अधिक का महा-अनुबंध (ऑर्डर) प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित ऑर्डर मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेडद्वारा दिया गया है, जो नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है।
भेल को इसका ‘नोटिफिकेशन ऑफ अवार्ड’ 4 जून 2026 को प्राप्त हुआ। भेल ने यह बड़ी सफलता ‘इंटरनेशनल कॉम्पिटिटिव बिडिंग’ (अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया) के तहत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हुए हासिल की है। 21,000 करोड़ से अधिक मूल्य के इस विशाल ऑर्डर में जीएसटी की राशि शामिल नहीं है। इस बड़ी जीत से भेल ने वैश्विक बाजार में भारतीय इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है। ईपीसी पैकेज के तहत इस मेगा प्रोजेक्ट की पूरी जिम्मेदारी भेल की होगी। इसके अंतर्गत प्लांट के प्रमुख उपकरणों का डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), आपूर्ति (सप्लाई), सिविल कंस्ट्रक्शन, इरेक्शन, टेस्टिंग और अंत में कमिशनिंग (शुरुआत) का पूरा कार्य भेल द्वारा ही निष्पादित किया जाएगा।
प्रयागराज स्थित मेजा पावर प्लांट के स्टेज-II विस्तार के तहत 800-800 मेगावाट की तीन अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिनकी कुल क्षमता 2,400 मेगावाट होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 70 महीने (लगभग 6 वर्ष) की समय-सीमा तय की गई है। इस विस्तार के बाद उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती औद्योगिक और घरेलू मांग को पूरा करने में भारी मदद मिलेगी और राज्य का पावर ग्रिड बेहद मजबूत होगा। भेल को मिले इस बड़े ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक को भारी मजबूती मिली है, जिससे आगामी वर्षों में इसके विभिन्न निर्माण संयंत्रों (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स) में उत्पादन गतिविधियों में तेजी आएगी।
