भोपाल। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने अगले महीने होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तैयारियां तेज कर दी हैं। लोक शिक्षण आयुक्त ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि परीक्षा के लिए जरूरी पाठ्य सामग्री शिक्षकों को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे सुगमता से तैयारी कर सकें।
इसके साथ ही विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नई गाइडलाइन जारी करने की प्रक्रिया में जुटा है। वर्तमान में विभाग के अधिकारी विधि विशेषज्ञों से इस बिंदु पर कानूनी राय ले रहे हैं कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से नियुक्त हुए शिक्षकों को इस पात्रता परीक्षा के दायरे में रखा जाए या नहीं। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
दूसरी ओर, इस फैसले के बाद उपजे हालातों पर रणनीति बनाने के लिए अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश की भोपाल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि टीईटी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक संघर्ष किया जाएगा। इसी क्रम में जून के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में एक राष्ट्रीय बैठक बुलाई गई है, जबकि 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आंदोलन करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके लिए देशभर के विभिन्न शिक्षक संगठनों से समन्वय किया जाएगा और प्रदेश भर में जागरूकता यात्रा भी निकाली जाएगी।
