भोपाल। मप्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अधिकारिक दस्तक से पहले मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शनिवार शाम राजधानी भोपाल समेत नरसिंहपुर, सीहोर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी और पिपरिया में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत सूबे के 35 जिलों में आंधी-बारिश का दौर दर्ज किया गया। इस दौरान सीहोर और जबलपुर में हवा की रफ्तार सबसे ज्यादा 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। मौसम में आए इस बदलाव से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं कई जगहों पर भारी तबाही की खबरें हैं।
श्योपुर में शुक्रवार को आई तेज आंधी के कारण दीवार गिरने से मलबे में दबकर एक ही परिवार के 3 लोगों सहित जिले में कुल 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि श्योपुर में एक इंच और सागर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम का सबसे रौद्र रूप नर्मदापुरम जिले के इटारसी और आसपास के इलाकों में देखने को मिला, जहां अंधड़ और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। इटारसी में कई पेड़ एंबुलेंस और गाड़ियों पर धराशायी हो गए, बिजली की लाइनें टूटने से ब्लैकआउट हो गया और स्थानीय मेले का मुख्य गेट उखड़ गया। इस दौरान एक बिजली कर्मचारी बाल-बाल बचा।
मौसम केंद्र ने आगामी 24 घंटे के लिए भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल संभाग सहित करीब तीन दर्जन जिलों में गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी का दौर जारी रहेगा। इसके उलट, इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, नीमच और मंदसौर सहित मालवा-निमाड़ के 17 जिलों में अभी कोई राहत नहीं मिलेगी और वहां भीषण गर्मी का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
