भोपाल। मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पिछले वर्ष सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी तक हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और वापस जमा कराने की जिम्मेदारी पहली बार सीआरपीएफ को सौंपी गई है। वाहनों की निगरानी जिला प्रशासन के अधिकारी करेंगे। राजधानी भोपाल में परीक्षा के लिए 32 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 13,724 से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी केंद्राध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समय को लेकर भ्रम न हो, इसलिए बाहर लगेगी बड़ी घड़ी
परीक्षा केंद्रों पर समय की स्पष्ट जानकारी देने के लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी घड़ी लगाई जाएगी। कई बार समान नाम वाले केंद्रों के कारण परीक्षार्थी भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे। जहां मेट्रो निर्माण या यातायात बाधित होने की संभावना है, वहां विशेष ट्रैफिक प्रबंधन किया जाएगा।
सुरक्षा के दो घेरे, हर गतिविधि पर नजर
परीक्षा के दौरान बाहरी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस और होमगार्ड संभालेंगे, जबकि केंद्र के भीतर की सुरक्षा एनटीए की अधिकृत एजेंसी के जिम्मे रहेगी। केंद्रों पर प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक हर गतिविधि कैमरों की निगरानी में होगी। नकल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए जैमर भी सक्रिय रहेंगे।
रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक मिलेगी मदद
दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। यहां से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को परिवहन संबंधी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अभिभावकों के लिए भी विशेष इंतजाम
परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर इंतजार करने वाले अभिभावकों के लिए टेंट, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जहां स्थायी दुकानें नहीं हैं, वहां अस्थायी स्टॉल लगाए जाएंगे। सभी केंद्रों पर जनरेटर, प्राथमिक उपचार किट, ओआरएस, मेडिकल टीम और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था भी रहेगी।
भोपाल समेत इन जिलों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी
भोपाल में 13,724, छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।
20 जून को चलेगी स्पेशल ट्रेन
नीट अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 20 जून को इंदौर-भोपाल-रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन इंदौर, फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर और संत हिरदाराम नगर सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में भोपाल से रतलाम के लिए भी विशेष ट्रेन संचालित होगी। ट्रेन में कुल 17 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 13 स्लीपर, 2 सामान्य और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं।
21 जून को दोपहर 2 बजे से परीक्षा
परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। प्रशासन का कहना है कि इस बार सुरक्षा, यातायात और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
