भोपाल
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में कार्यपालक निदेशक प्रदीप कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में ‘प्लांट कमेटी’ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉइज यूनियन (संबद्ध NFITU) के प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं और संयंत्र के आधुनिकीकरण से जुड़े 28 से अधिक गंभीर मुद्दों को मजबूती से पटल पर रखा। यूनियन ने कहा कि तकनीकी उन्नयन और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया ।
ब्लॉकों में मशीनें 30 से 50 वर्ष पुरानी हो चुकी हैं। उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इनका उन्नयन या नई मशीनों की स्थापना अनिवार्य है। पार्किंग एवं अतिक्रमण प्लांट के भीतर निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग डंप यार्ड के रूप में हो रहा है। उन्होंने इन स्थानों को तत्काल मुक्त कराने और नई पार्किंग विकसित करने की मांग की।
चिकित्सा विसंगतियां सेवानिवृत्ति के बाद माता-पिता की चिकित्सा सुविधा बंद करना और रेफरल मामलों में उनके साथ वार्ड आवंटन में भेदभाव (केवल जनरल वार्ड देना) को उन्होंने अनुचित बताया और नीति की समीक्षा की मांग की।
सुरक्षा एवं जागरूकता प्लांट के वन क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा लाइनों का विस्तार करने और बढ़ती साइबर ठगी के विरुद्ध कर्मचारियों के लिए वर्कशॉप आयोजित करने का सुझाव दिया। पदोन्नति के अवसर आर्टिजन से सुपरवाइजर बनने हेतु अवसरों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करने का आग्रह किया ताकि अनुभवी कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान न हो। प्रमुख मांगें ग्रेच्युटी सीमा डीए 50% पार होने के कारण ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख करने का परिपत्र जल्द जारी हो। अनुशासनात्मक निष्पक्षता सेवा से पृथक्करण जैसे कठोर निर्णय लेने से पूर्व यूनियनों के साथ चर्चा की परंपरा स्थापित की जाए। मेडिकल स्टाफ फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयी के रूप में पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती कर न्यूनतम 30,000 रुपये वेतन सुनिश्चित किया जाए।
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