भोपाल
रविवार को थ्रिफ्ट सोसाइटी की आमसभा ईडी के जाने के बाद हंगामें के भेंट चढ़ गई । सोसायटी के चार संचालक नाराजगी के चलते मंच पर ही नहीं बैठे बल्कि आम सदस्यों के बीच बैठकर विरोध प्रदर्शन करते रहे । जबरदस्त नारे बाजी के बीच कुछ समय के लिये आमसभा चलती रही बाद में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष में इसे स्थगित कर दिया । इस सभा में सीआईएसएफ को भी बुलाना पड़ा । यहां तक की संस्था के संचालक दीपक गुप्ता को मंच पर पहुंचकर अपनी बात कहनी पढ़ी ।
वहीं संस्था के संचालक कमलेश नागपुरे भी अपनी बात मंच से नीचे से चिल्ला-चिल्ला कर कहते रहे । एक सीआईएसएफ के जवान ने श्री गुप्ता को मंच से पकड़कर नीचे उतारने की कोशिश की जिसका विरोध सदस्यों ने किया । भेल के कल्चरल हॉल में रखी गई थी प्रतिभा सम्मान समारोह के बाद जब अध्यक्ष ने प्रस्ताव पढऩा प्रारंभ किया तो प्रस्ताव क्रमांक 1 और 2 का सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से अनुमोदन किया परंतु प्रस्ताव क्रमांक 3 में पेज क्रमांक 13 पर कंप्यूटर फंड में 50 लाख और बिल्डिंग रिपेयर फंड में एक करोड़ और शोरूम फर्निशिग फंड में 35 लाख डाले जाने का सदस्यों ने विरोध करते कहा कि इन मदों में इतनी राशि की कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए इस राशि को मोमेंटो और डिविडेंड फंड में रखा जाए परन्तु सदस्यों का मत जाने बिना अध्यक्ष इस प्रस्ताव को एक सिरे से नकार दिया ।
सदस्य नरेश जादौन का यह कहना था कि आप अनुमोदन तभी लें जब सदस्यों के सुझाव मिल जाए और उस पर चर्चा हो जाए परंतु अध्यक्ष लोगों को बाहर कर देने की धमकी देने लगे सभी सदस्यों ने इस तरह के प्रस्तावों का अनुमोदन करने से साफ इनकार कर दिया । डायरेक्टर दीपक गुप्ता ने बताया कि अध्यक्ष ने दो प्रश्नों को जवाब दिया पहले प्रश्न में दोहरी सदस्यता होने पर सदस्यों को सदस्यता समाप्ति के लिए चेतावनी दी गई और दूसरे प्रश्न के जवाब में सोशल मीडिया पर संस्था के खिलाफ लिखने पर सदस्यों को बाहर करने हेतु दो सदस्य कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया इसके उपरांत शेष 52 प्रश्नों को जवाब दिए बिना सभा उपाध्यक्ष ने समाप्त कर दी जबकि उन्हें समाप्त करने का कोई अधिकार नहीं था.
साथ ही अध्यक्ष द्वारा कई सदस्यों को कहा कि इन्हें बाहर निकालो तब सदस्य आक्रोषित हो उठे अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हेतु जब मंच से कहा तो सम्मानिय सदस्यों ने उसका बहुमत से विरोध किया उन्होंने कहा कि जब आप हमारी बात नहीं सुन रहे हैं यह तो व्यक्ति की स्वतंत्रता की समाप्ति है जिस पर सदस्य आक्रोषित हो गये । सभा में कमलेश नागपुरे, दीपक गुप्ता ,कुमारी किरण तथा राजकुमार इरपाची मंच पर नहीं बैठे थे ।
सदस्य को अवगत कराया कि संचालक मंडल की बैठक में हम संचालक के किसी प्रकार के मिनट्स को यह अपनी बैठक प्रस्ताव में रिकॉर्ड नहीं करते जो 107 और 110 धारा का उल्लंघन है 107 के अनुसार इनके द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जाता और ना ही बैलेंस शीट उपलब्ध कराई जा रहा है संचालक मंडल की बैठक में उपाध्यक्ष राजेश शुक्ला द्वारा द्वारा यह कहा जाता है कि आप बैठक से बाहर जा सकते हैं । संचालक अपमानित महसूस करते हैं इस बारे में संचालकों के द्वारा सेंट्रल रजिस्टार को भी शिकायत लिखी गई संचालक के बोर्ड में संचालकों की बात को ना सुनने पर संचालक मंडल के सदस्य नाराज होकर आम सभा के मंच पर नहीं बैठे ।
उन्होंने कहा की हम सब गौरवान्वित हैं परंतु सदस्यों के साथ इस तरह के अपमानजनक व्यवहार से संचालक मंडल काफी नाराज हुआ सदस्यों ने मांग की कि 13 प्रतिशत से 20 प्रतिशत डिविडेंड बढ़ा कर दिया जब प्रॉफिट बहुत अधिक हुआ है साथ ही सदस्यों द्वारा यह भी प्रश्न पूछा गया कि जब आपके द्वारा 1 करोड़ बिल्डिंग मेंटेनेंस के फंड में और शॉप फर्निशिंग एवं मेंटेनेंस फंड में 35 लाख व कंप्यूटर के फंड में 50 लाख डाला गया जिसका सदस्य विरोध कर रहे थे अध्यक्ष ने बीच आम सभा को अधूरी छोड़कर उपाध्यक्ष के द्वारा घोषणा कर दी गई कि आम सभा की कार्रवाई यहीं समाप्त की जाती है और बिना अनुमोदन के आम सभा को समाप्त कर दिया गया । समय से पूर्व आमसभा को समाप्त करने पर कई सदस्यों को हस्ताक्षर करने में रजिस्टर प्राप्त नहीं हुआ।
