भोपाल
मार्च माह में राजस्व वसूली के चक्कर में भेल के बिजली विभाग का अमला टाउनशिप में स्थित यूनियनों के दफ्तरों में बिजली काटने जा पहुंचा । पिपलानी के एक यूनियन कार्यालय में जैसे ही अमले ने बिजली काटी समझो हड़कंप मच गया। दूसरी और अमला अन्य दफ्तरों में भी जा पहुंचा इसी बीच यूनियन के नेताओं को बिजली काटने की खबर लग गई । आनन-फानन में भेल के मुखिया और महाप्रबंधक मानव संसाधन के फोन खडख़ड़ाने लगे । भले ही कुछ यूनियन के दफ्तरों पर बिजली पानी का एक लाख रूपये से ज्यादा बकाया हो लेकिन शीर्ष प्रबंधन के दबाव में बिजली काटने का काम रोक दिया गया है ।
गौरतलब है कि भेल प्रबंधन हारी और जीती यूनियनों को नि:शुल्क ऑफिस मुहैया कराती है जिसमें वाटर कूलर,ऐयर कंडीशनर ,दूरभाष सहित अन्य सुविधायें भी मुहैया कराई जा रही है । सिर्फ बिजली पानी का बिल ही नगर प्रशासन विभाग की राजस्व शाखा में कुछ यूनियनों पर लाखों रूपये बकाया है । इसी के चलते बिजली विभाग के अमले ने आनन-फानन में बिजली काटने की कार्यवाही तो शुरू कर दी लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा । जब प्रबंधन ही मेहरबान है तो नगर प्रशासन या बिजली विभाग क्या करें ।
