हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2081 का शुभारंभ 8 अप्रैल की रात 23:50 को हो रहा है, जब चैत्रअमावस्या का अंत और चैत्र प्रतिपदा की शुरुआत हो रही हैं। इस नवसंवत्सर 2081 का नाम क्रोधी हैं औऱ इस वर्ष ग्रहों के नव नायक में 7 भाग क्रूर ग्रहों को और 3 भाग शुभ ग्रहों को मिले हुए हैं। मंगल के राजा और शनि के मंत्री होने से यह वर्ष बहुत ही उथल पुथल वाला रहेगा, मेघापति और धन्याधीपति शनि हैं अर्थात मॉनसून सामन्य से कम तथा मुद्रास्फीति की स्थिति में सुधार, तेल की ऊंची कीमतों की वजह से नहीं हो पायेगा।
चैत्र प्रतिपदा की कुंडली धनु लग्न की है औऱ तृतीय भाव में शनि मंगल कि युति हैं और लग्नेश गुरु दूसरे शुभ गृह बुध से युति में है जो दर्शाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक विकास मिलेगा परंतु शनि मंगल युति देश द्वारा आधुनिक हथियार की बड़ी खरीद फरोख्त डील के संकेत दे रही हैं. नव वर्ष कुंडली में तृतीय भाव मालिक का संबंध पंचमेश से है जो फलदीपिका ग्रंथ के अनुसार देश को खेलकूद में विशेष स्थान पर पहुंचा सकता है विशेष कर आने वाले जुलाई अगस्त के पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहते हुए पिछले टोक्यो ओलिंपिक से कहीं अच्छा रहेगा ।
स्वतंत्र भारत की कुंडली के अनुसार वर्तमान में चन्द्र महादशा में शुक्र का अंतरा चल रहा है जो देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों को चुनाव के मद्देनजर महिलाओ के लिए अनेक प्रकार की स्कीम का ऐलान कर सकती हैं परंतु चुनावों के दौरान बड़ी हिंसक घटनाओं का भी सामना करना पड़ सकता है।आम चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा और एक बार फिर मोदी सरकार सत्ता में आयेगी पर हो सकता है कि 400 का आकड़ा पार नहीं हो पाये।
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर चुनावों के दौरान बड़ी हिंसक घटनाओं का दौर देखा जा सकता है और यहां बीजेपी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहेगा।चुनावों के बाद केंद्रीय मंत्रीमंडल में भारी फेरबदल हो सकता है।भारत को पड़ोसी देशों से हिंसक घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है परंतु कोई युद्ध की स्थिति नहीं बनती दिख रही हैं।अमेरिका में जंहा 8 अप्रैल को खग्रास सूर्यग्रहण देखा गया है और देश में साल के अंत में चुनाव भी है बहुत उठा पटक देखने को मिल सकती है।
अभी हाल की स्थिति में प्रेसिडेंट के लिए ट्रम्प और बाइडन के नाम ही सामने आ रहे हैं पर यह संभव है कि कोई तीसरा बड़ा दावेदार आये और वह चुनाव भी जीत जाए. मुंडेन ज्योतिष के अनुसार मीन राशि में पड़े खग्रास सूर्यग्रहण के बाद अमेरिका में कोई प्राकृतिक आपदा आने की संभावना है जिससे भरी तबाही आ सकती है ज्ञात रहे कि सूर्यग्रहण का प्रभाव देश पर अगले आने वाले सूर्यग्रहण तक रहता है।इस्राइल और हमास युद्ध में आने वाले समय में और अधिक तीव्रता आती दिखाई पड़ेगी और रूस यूक्रेन युद्ध भी थमता नहीं दिख रहा है।
सुभाष सक्सेना
ज्योतिषाचार्य
