– भेल कर्मियों को भी दिये अनुशासन के संकेत
भोपाल
वित्तीय वर्ष 2022-23 के उत्पादन लक्ष्य को बढ़ाने के लिये भेल के नये ईडी एक्शन में दिखाई दे रहे हैं । वह जल्द ही 30 सितंबर तक इस छ: माही टारगेट के बाद ही काम तेजी लाने के लिये प्रशासनिक कसावट की और ध्यान देंगे । इसके लिये रणनीति बनाने की तैयारी शुरू हो गई है । इसी तरह कारखाने में कर्मचारियों और अधिकारियों को यह संकेत भी दे दिये हैं कि काम के समय अपनी डियूटी पर तैनात रहें ।
सूत्रों के मुताबिक भोपाल और झांसी यूनिट का एक साथ काम संभाल रहे ईमानदार व कठौर प्रशासक ईडी विनय निगम पर बड़ी जवाबदारी सामने आकर खड़ी हो गई है । पिछले वित्तीय वर्ष में झांसी यूनिट का टर्नओवर और प्राफिट बढ़ाने के बाद उन्हें भोपाल यूनिट भेजा गया । इधर भोपाल यूनिट का पहाड़ जैसे टर्नओवर में सिर्फ ट्रेक् शन मोटर और ट्रांसफार्मर विभाग में ही ऑर्डर मौजूद हैं जबकि थर्मल, ईएम, स्वीचगियर, एसटीएम में आर्डरों की भारी कमी देखी जा रही है । ऐसे में 5000 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर करना मुश्किल काम है जबकि हाईड्रों के आर्डर पर होल्ड लगने के बाद यह यूनिट थोड़ी बहुत संकट में पड़ गई है । इसके लिये नये ईडी प्रोडक् शन से जुड़े सभी ब्लॉक की समीक्षा बैठक का दौर शुरू कर दिया ।
सूत्र बतातें हैं कि ट्रेक्शन मोटर और ट्रांसफार्मर पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है । वहीं अन्य ब्लॉक का उत्पादन कैसे बढ़ाया जाये ताकि हाईड्रों के होल्ड की कमी को पूरा किया जा सके । लेकिन तैलंगाना सरकार से बड़े स्तर पर बातचीत की जाये तो यह होल्ड खत्म भी हो सकता है ऐसे में इस यूनिट को लक्ष्य तक पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होगी । कारखाने में यह कहा जा रहा है कि यूं तो नये ईडी पुराने अफसरों से ही बेहतर काम कराने की कोशिश करेंगे लेकिन जिन अफसरों का रिकार्ड ठीक नहीं है उनके विभागों में विशेष ध्यान दिया जायेगा । इनमें प्रोडक्शन से जुड़े ट्रेक्शन मोटर, ट्रांसफार्मर ,थर्मल,ईएम,स्वीचगियर,एसटीएम जैसे विभागों पर असर देखने को मिल सकता है।
चापलूसों से दूर रहने वाले नये ईडी के आने के बाद मानव संसाधन विभाग के मुखिया एक्शन में दिखाई दे रहे हैं उन्होंने दूसरी तिमाही के प्रोडक् शन को पूरा करने के लिये एक सर्कुलर जारी कर दिया है । सर्कुलर में कहा गया है कि चुनौती पूर्ण लक्ष्य को पूरा करना जरूरी है । इसलिये कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर समय पर पहुंचे,बिना कारण बताये कारखाने में घूमते हुये न पाये जाये । इसी तरह यहां कोई ऐसा कार्यक्रम न करें जो उत्पादन लक्ष्य में बाधा बने और अनुशासन को हर स्थिति में बनाये रखें ।
सर्कुलर में यह संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं कि कारखाने में काम के दौरान धरना-प्रदर्शन और जन्मदिन मनाने का सिलसिला अगले छ: माह तक बंद किया जाये । हालांकि उन्होंने आउट पास के जरिये कारखाने के बाहर घूम रहे हैं उन पर भी पाबंदी लगाने का सर्कुलर का हवाला भी दिया है । इसके लिये संबंधित विभागाध्यक्षों को आउट पास की संख्या पर समीक्षा करने का निर्देश जारी किया है । अब देखना यह है कि संबंधित विभागाध्यक्ष अपने-अपने लोगों को आउट पास बनाकर खुश करता है या मुखिया के आदेश के मुताबिक आउट पास को अपने नियंत्रण में रखता है ।
