-अब प्राफिट की उम्मीद और कैश कलेक्शन की बनी उम्मीद
-टेस्टिंग-पैकिंग के बाद कारखाने में निर्मित जॉब की होगी रवानगीं
भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल यूनिट ेके लिये यह खुशी की खबर है कि इस वित्तीय वर्ष में रिकार्ड उत्पादन करने जा रही है । साथ ही कैश कलेक्शन और प्राफिट की उम्मीद भी बनी हुई है । सूत्रों के अनुसार यह यूनिट 31 मार्च तक 2900 करोड़ का टारगेट पूरा कर चुकी है ज्यादा से ज्यादा 2950 करोड़ हो सकता है ।
देखना यह है कि इस वित्तीय वर्ष में भेल के मुखिया और उनकी टीम की मेहनत कितना रंग लाती है । सूत्र यह भी बताते हैं कि कारखाने में मटेरियल आने के बाद अधूरे जॉब 31 मार्च तक पूरे हो जायेंगे । इसी तारीख तक प्रबंधन को जॉब डिस्पेच कर कारखाने से बाहर निकालना शुरू कर दिया है इसके लिये सीडीसी विभाग की पूरी टीम तैयार है ।
बड़ी बात यह है कि खूद भेल के मुखिया देर रात तक कारखाने के ब्लॉको में घूमकर उत्पादन का जायजा ले रहे हैं उनकी फटकार के चलते काम में तेजी भी दिखाई दे रही है । हर ब्लॉक की समीक्षा की जा रही है अफसरों को हिदायत दी जा रही है कि वह समय पर भेल में निर्मित उपकरणों को पूरा करें । महाप्रबंधकों की नई टीम अपने-अपने ब्लॉकों में पूरी मुस्तेदी से काम करते दिखाई दे रही है ।
ऐसे में यह उम्मींद की जा रही है कि उत्पादन लक्ष्य 2900 करोड़ पार कर सकता है । ट्रांसफार्मर, ट्रैक्शन ईएम , हाईड्रो, स्वीचगियर ब्लॉक इस बार पूरी दम दिखा रहे हैं वहीं थर्मल और फीडर भी धीरे-धीरे उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने में लगे हुये हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बार इलेक्ट्रिकल मोटर नंबर वन की पायदान पर दिखाई दे रही है वहीं ट्रांसफार्मर, ट्रैक्शन मोटर किसी से कम नहीं दिखाई दे रहे हैं ।
एक अनुमान मुताबिक टीसीबी , ईएम ग्रुप, ट्रेक्शन मोटर , हाईड्रो ब्लॉक , स्वीचगियर ब्लॉक इस वत्तीय वर्ष में बेहतर परफारमेंस कर रहे हैं । इसी तरह थर्मल और फीडर से कोई ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती है । अंतिम तीमाही में भोपाल यूनिट 2900 करोड़ से ज्यादा का टारगेट पार कर सकती है। कैश कलेक्शन की स्थिति बेहतर बताई जा रही है । ऐसा कहा जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष में कैश कलेक्शन करीब 3000 से 3200 करोड़ तक हो सकता है ।
यह भी कहा जा रहा है कि भेल उद्योग नगरी का नगर प्रशासन विभाग 31 मार्च तक करीब 18 करोड़ रूपये की राजस्व वसूली कर सकता है । अगले वित्तीय वर्ष का टारगेट 3600 करोड़ बताया जा रहा है। फिलहाल यह भी कहा जा रहा है कि भोपाल यूनिट के मुखिया के पास झांसी यूनिट का भी काम सौंपा गया है ।
ऐसे में भोपाल यूनिट का बेहतर परफारमेंश रहेगा । साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष में घाटे से प्राफिट में लाकर खड़ा करने वाले मुखिया इस बार भी झांसी यूनिट में बेहतर परफारमेंश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि इन आंकड़ों के संबंध में भेल प्रबंधन कुछ भी बताने को तैयार नहीं है लेकिन हमारे सूत्रों का कहना है कि दोनों यूनिट में टारगेट, प्राफिट और कैश कलेक् शन की स्थिति नंबर वन बनी हुई है ।
